देश को मिलेंगी 260 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में दी जानकारी
भारतीय रेलवे लंबी दूरी की यात्राओं को और अधिक आरामदायक व सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को संसद में जानकारी दी कि रेलवे 260 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के निर्माण की योजना पर काम कर रहा है।
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रेल मंत्री ने बताया कि वंदे भारत एक्सप्रेस का स्लीपर वर्जन स्वदेशी डिजाइन के साथ विकसित किया गया है। इसके तहत अब तक दो स्लीपर ट्रेनें तैयार की जा चुकी हैं, जो सफल ट्रायल के बाद हावड़ा–कामाख्या रूट पर चल रही हैं।
चरणबद्ध तरीके से होगा निर्माण
रेल मंत्री ने बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का निर्माण कार्यक्रम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML), इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), चेन्नई और टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के सहयोग से चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत प्रोटोटाइप डेवलपमेंट, ट्रायल और फिर सीरीज प्रोडक्शन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इन ट्रेनों को नियमित यात्री सेवा में शामिल करने का निर्णय यात्रियों की मांग और परिचालन तैयारियों के आधार पर किया जाएगा। कुल मिलाकर 260 स्लीपर वंदे भारत रेक तैयार करने की योजना है।
आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा का नया मानक
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में आधुनिक कोच, एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स और बेहतर यात्री सुविधाएं दी गई हैं। इन ट्रेनों का उद्देश्य यात्रियों के सफर को न सिर्फ आरामदायक, बल्कि पहले से कहीं अधिक सुरक्षित बनाना है।
अन्य आधुनिक ट्रेनसेट भी बना रहा रेलवे
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि वंदे भारत के अलावा भारतीय रेलवे की प्रोडक्शन यूनिट्स नमो भारत ट्रेन, रैपिड और रीजनल मेट्रो रेक, कोलकाता मेट्रो रेक, अमृत भारत ट्रेन और मेनलाइन LHB कोच जैसे आधुनिक यात्री कोच और ट्रेनसेट भी तैयार कर रही हैं।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की 10 खास खूबियां
- कवच ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम
- सभी कोच में सीसीटीवी कैमरे
- 180/160 किमी प्रति घंटे की डिजाइन व ऑपरेटिंग स्पीड
- EN स्टैंडर्ड्स के अनुरूप क्रैशवर्दी कार बॉडी डिजाइन
- इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट
- हर कोच के अंत में फायर बैरियर दरवाजे
- इलेक्ट्रिकल कैबिनेट और टॉयलेट में एरोसोल आधारित फायर डिटेक्शन व सप्रेशन सिस्टम
- ऊर्जा दक्षता के लिए रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम
- सेंट्रली कंट्रोल्ड ऑटोमैटिक प्लग दरवाजे और चौड़े सील्ड गैंगवे
- दिव्यांग यात्रियों के लिए ड्राइविंग कोच में विशेष टॉयलेट सुविधा
इन ट्रेनों के संचालन से लंबी दूरी की रेल यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ने की उम्मीद है।

