ईरान संकट के बीच ट्रंप–मोदी की अहम बातचीत, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी सहमति
ईरान से जुड़े तनाव के बीच वैश्विक स्तर पर बढ़ती चिंताओं के बीच डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी के बीच मंगलवार को महत्वपूर्ण बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और वैश्विक शांति के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर खास फोकस
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के अनुसार, बातचीत में सबसे अहम मुद्दा होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला, सुरक्षित और सुगम बनाए रखना रहा। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
भारत ने शांति और कूटनीति पर दिया जोर
बातचीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और जल्द शांति बहाल करने का समर्थक है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का खुला रहना पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है और भारत इस दिशा में कूटनीतिक प्रयास जारी रखेगा।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ी हलचल
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। हाल ही में अमेरिका ने ईरान को चेतावनी देने के साथ कुछ सैन्य कार्रवाई को टालने का फैसला किया था। इसी पृष्ठभूमि में ट्रंप और मोदी की बातचीत को बेहद अहम माना जा रहा है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में भी कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है। उन्होंने बताया कि भारत 40 से अधिक देशों से तेल और गैस आयात कर रहा है और आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
संकट से निपटने के लिए विशेष समूह गठित
सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए सात विशेष समूहों का गठन किया है, जो LPG, जरूरी वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति की निगरानी कर रहे हैं।
कूटनीति से समाधान की कोशिश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान चाहता है और ईरान, अमेरिका व अन्य देशों के संपर्क में रहकर शांति बहाल करने की दिशा में काम कर रहा है।

