Independence Day 2026: लाल किले से PM मोदी ने 13वीं बार फहराया तिरंगा, बोले- अब छोटे सपनों से नहीं चलेगा देश
नई दिल्ली। देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर पर लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद 21 तोपों की सलामी दी गई। लाल किले पहुंचने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने सलामी गारद का निरीक्षण किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करने से पहले महात्मा गांधी सहित देश के सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों के योगदान को नमन किया और देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
‘अब छोटे सपनों से चलने वाला नहीं है देश’
लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है और देश उत्साह एवं उमंग के साथ नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से बड़े सपने देखने और ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अब देश छोटे सपनों से चलने वाला नहीं है। बड़े सपने देखने होंगे और बड़े संकल्पों के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्र अपने सपनों, संकल्पों और सामर्थ्य के बल पर ही महान बनता है।
लाल किले पर पहली बार गूंजा ‘वंदे मातरम्’
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में लाल किले पर पहली बार राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब देश ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है, ऐसे समय में लाल किले से इसका गूंजना विशेष अवसर है।
समारोह में सेना के बैंड ने ‘वंदे मातरम्’ की धुन बजाई और उपस्थित लोगों ने राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्रगान हुआ।
2047 तक विकसित भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब वर्ष 2047 में देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे, तब भारत एक विकसित राष्ट्र बनकर रहेगा। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों के परिश्रम, संकल्प और सामर्थ्य से इस लक्ष्य को हासिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में देश ने विकास की गति तेज की है। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि बड़ी संख्या में लोग गरीबी से बाहर निकले हैं और भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है।
प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत पर जोर देते हुए कहा कि भारत अब दूसरे देशों पर निर्भर रहकर आगे नहीं बढ़ना चाहता। देश को अपनी क्षमताओं को मजबूत करना होगा और अपने महत्वपूर्ण हितों की सुरक्षा स्वयं करनी होगी।
परमाणु ऊर्जा में 200 गीगावाट का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को भारत के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देश परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने 200 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य रखा है और पांच नए परमाणु रिएक्टर स्थापित किए जा रहे हैं।
उन्होंने तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर के इस वर्ष क्रिटिकलिटी हासिल करने का भी उल्लेख किया।
सेमीकंडक्टर निर्माण पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है। उनके अनुसार देश में तीन सेमीकंडक्टर संयंत्रों में उत्पादन शुरू हो चुका है और इनका निर्यात भी शुरू हो गया है।
उन्होंने कहा कि आने वाले सात से आठ वर्षों में देश में पांच से आठ और सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ने इसे आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
ऊर्जा और रणनीतिक संसाधनों में आत्मनिर्भरता पर जोर
प्रधानमंत्री ने वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच ऊर्जा और महत्वपूर्ण संसाधनों के मामले में आत्मनिर्भरता को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया में संसाधनों और रणनीतिक समुद्री मार्गों का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने भारत के अपतटीय तेल और गैस भंडारों की खोज बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने ‘समुद्र मंथन राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे गहरे और अति-गहरे समुद्री क्षेत्रों में तेल एवं गैस की खोज को गति मिलेगी।
रेलवे विद्युतीकरण और ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन का जिक्र
प्रधानमंत्री ने रेलवे के विद्युतीकरण को भी सरकार की उपलब्धियों में गिनाया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में रेलवे नेटवर्क के विद्युतीकरण की गति में तेजी आई है और अब रेलवे का पूर्ण विद्युतीकरण किया जा चुका है।
उन्होंने भारत की ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन का भी उल्लेख किया और कहा कि देश ने हाइड्रोजन आधारित रेल तकनीक के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है।
महिला आरक्षण लागू करने की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण लागू करने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, ताकि वे देश की नीति निर्माण प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभा सकें।
उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि महिला आरक्षण को लागू कर महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने में सभी दल सहयोग करें।
बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित लोगों के प्रति जताई संवेदना
प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में पूरा देश उनके साथ खड़ा है और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
लाल साफे में नजर आए प्रधानमंत्री
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पारंपरिक अंदाज में नजर आए। उन्होंने सफेद कुर्ते और चॉकलेट ब्राउन रंग की वास्कट के साथ लाल रंग का पारंपरिक साफा पहना। प्रधानमंत्री की स्वतंत्रता दिवस पर पहनी जाने वाली विशेष पगड़ी हर वर्ष समारोह का आकर्षण रहती है।
प्रधानमंत्री के संबोधन का मुख्य संदेश स्पष्ट रहा—भारत को अब छोटे लक्ष्यों से आगे बढ़कर बड़े सपनों और बड़े संकल्पों के साथ 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है।

