देशभर में शुरू होगा मुफ्त HPV टीकाकरण अभियान, 14 साल की बेटियों को मिलेगा कैंसर से सुरक्षा कवच
केंद्र सरकार जल्द ही देशव्यापी एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। इस पहल का उद्देश्य किशोरियों को गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) से बचाना और महिलाओं के स्वास्थ्य को मजबूत करना है। यह टीकाकरण पूरी तरह निःशुल्क और स्वैच्छिक होगा।
भारत में सर्वाइकल कैंसर की चुनौती
सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं के बीच दूसरा सबसे आम कैंसर है। हर साल लगभग 80,000 नए मामले सामने आते हैं और 42,000 से अधिक महिलाओं की मौत होती है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर के लगभग सभी मामले HPV संक्रमण, खासकर टाइप 16 और 18 के कारण होते हैं। भारत में 80 प्रतिशत से अधिक मामलों के लिए यही दो प्रकार जिम्मेदार हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर टीकाकरण और शुरुआती जांच से इस कैंसर को काफी हद तक रोका जा सकता है।
कौन-सी वैक्सीन लगेगी?
राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत Gardasil वैक्सीन का उपयोग किया जाएगा। यह एक क्वाड्रीवैलेंट HPV वैक्सीन है, जो HPV टाइप 16 और 18 (कैंसर से जुड़े) के साथ-साथ टाइप 6 और 11 से भी सुरक्षा देती है।
यह एक नॉन-लाइव (गैर-जीवित) वैक्सीन है, जिससे संक्रमण का खतरा नहीं होता। 2006 से अब तक दुनिया भर में 50 करोड़ से अधिक डोज दी जा चुकी हैं, जिससे इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता सिद्ध हो चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह 93 से 100 प्रतिशत तक प्रभावी है।
160 देशों की सूची में शामिल होगा भारत
भारत उन 160 से अधिक देशों में शामिल हो जाएगा, जिन्होंने अपने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में HPV वैक्सीन को शामिल किया है। वैश्विक स्तर पर 90 से अधिक देश सिंगल-डोज कार्यक्रम लागू कर चुके हैं, जिससे संक्रमण और कैंसर के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है।
किस आयु वर्ग को मिलेगा टीका?
इस राष्ट्रीय अभियान के तहत 14 वर्ष की लड़कियों को लक्षित किया गया है। यह वह उम्र है जब वैक्सीन वायरस के संभावित संपर्क से पहले अधिकतम सुरक्षा प्रदान करती है।
कहां और कैसे लगवाएं टीका?
HPV टीकाकरण केवल सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध होगा, जिनमें शामिल हैं:
- आयुष्मान आरोग्य मंदिर (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र)
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC)
- उप-जिला एवं जिला अस्पताल
- सरकारी मेडिकल कॉलेज
प्रत्येक टीकाकरण सत्र प्रशिक्षित मेडिकल अधिकारियों की निगरानी में होगा। टीकाकरण के बाद निगरानी और किसी भी दुर्लभ साइड इफेक्ट के प्रबंधन की पूरी व्यवस्था रहेगी।
पारदर्शी खरीद प्रक्रिया
भारत सरकार ने वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए Gavi के सहयोग से पारदर्शी और वैश्विक मानकों के अनुरूप खरीद प्रक्रिया अपनाई है। कोल्ड-चेन मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा, ताकि देशभर में सुरक्षित तरीके से वैक्सीन पहुंचाई जा सके।
माता-पिता से अपील
सरकार ने अभिभावकों से अपील की है कि अभियान शुरू होते ही वे आगे बढ़कर अपनी 14 वर्षीय बेटियों का टीकाकरण कराएं। विशेषज्ञों का कहना है कि HPV टीकाकरण एक प्रभावी निवारक कदम है, जो लाखों जिंदगियां बचा सकता है और बेटियों को कैंसर मुक्त भविष्य दे सकता है।

