होर्मुज स्ट्रेट से निकले भारतीय जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’, 92,700 मीट्रिक टन LPG लेकर भारत की ओर रवाना
देहरादून/नई दिल्ली।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने देश में एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को लेकर लोगों की चिंताओं को दूर करने की कोशिश की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में कुकिंग गैस की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को घबराहट में सिलेंडर बुक करने की आवश्यकता नहीं है।
शिपिंग मंत्रालय के अनुसार भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी कैरियर जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इन जहाजों में करीब 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी लदी हुई है। इन जहाजों के 16 और 17 मार्च तक क्रमशः मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है।
सरकार ने दी भरोसेमंद आपूर्ति की गारंटी
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने अंतर-मंत्रालयी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मौजूदा भूराजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि रिफाइनरियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं और किसी भी रिटेल आउटलेट से ईंधन की कमी की सूचना नहीं मिली है।
हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि हाल के दिनों में लोगों द्वारा पैनिक बुकिंग के कारण एलपीजी बुकिंग में तेजी आई है। पहले जहां प्रतिदिन औसतन करीब 7.5 से 7.6 मिलियन बुकिंग होती थीं, वहीं यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 8.8 मिलियन तक पहुंच गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि केवल आवश्यकता होने पर ही सिलेंडर बुक करें।
तकनीकी दिक्कतों से प्रभावित हुई थी बुकिंग
सुजाता शर्मा ने बताया कि हाल में एलपीजी बुकिंग फेल होने की कुछ शिकायतें सामने आई थीं, जो मुख्य रूप से तकनीकी कारणों और अचानक बढ़े कॉल वॉल्यूम की वजह से थीं। अब सिस्टम को अपग्रेड कर दिया गया है और स्थिति सामान्य हो गई है।
पेट्रोल-डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक
सरकार के मुताबिक देश में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। भारत अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा घरेलू स्तर पर रिफाइन कर लेता है, इसलिए तत्काल आयात की आवश्यकता नहीं है।
भारतीय नाविक सुरक्षित
शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। वर्तमान में वहां भारतीय ध्वज वाले 22 जहाजों पर 611 नाविक कार्यरत हैं और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में समुद्री संचार केंद्र को 312 फोन कॉल और 460 ईमेल प्राप्त हुए, जिनका समाधान किया गया। पिछले 15 दिनों में कुल 2500 से अधिक कॉल और करीब 5000 ईमेल प्राप्त हुए हैं, जिनका जवाब दिया जा चुका है।
सरकार ने दोहराया कि ऊर्जा आपूर्ति को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है और देश में एलपीजी सहित सभी पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

