Budget 2026: रेल बजट से बिहार को बड़ी उम्मीद, क्या फिर बढ़ेगा आवंटन?
देश में कुछ ही घंटों में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया जाएगा और इस बार भी बिहार की निगाहें खास तौर पर रेल बजट पर टिकी हुई हैं। पिछले वर्ष केंद्रीय बजट में रेलवे के लिए कुल 2 लाख 52 हजार 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें से बिहार को 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली थी। यह अब तक का सबसे बड़ा रेल आवंटन माना गया। ऐसे में इस बार भी राज्य के लोगों और राजनीतिक दलों को उम्मीद है कि बिहार को रेल बजट में फिर बड़ी सौगात मिल सकती है।
बिहार से रहे हैं कई रेल मंत्री
बिहार देश को सबसे ज्यादा रेल मंत्री देने वाले राज्यों में शामिल रहा है। इनमें ललित नारायण मिश्रा, जगजीवन राम, केदार पांडे, रामविलास पासवान, नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इन नेताओं के कार्यकाल में बिहार को कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं मिलीं, जिनका लाभ आज भी राज्य को मिल रहा है।
डबल इंजन सरकार से बढ़ी उम्मीदें
राज्य में डबल इंजन सरकार होने के कारण बिहार को लेकर केंद्र की प्राथमिकताएं बढ़ी हैं। कई रेल परियोजनाएं अभी भी लंबित हैं, जिन्हें लेकर बिहार के लोग और जनप्रतिनिधि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बड़ी घोषणाओं की उम्मीद लगाए बैठे हैं। माना जा रहा है कि 2026 के बजट में भी बिहार को रेलवे के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया जा सकता है।
रेल बजट में लगातार बढ़ोतरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार कह चुके हैं कि “पूर्व के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है और पूर्व का विकास बिहार के विकास से जुड़ा है।” इसी सोच के तहत एनडीए सरकार के कार्यकाल में बिहार के लिए रेल बजट में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है।
यूपीए सरकार की तुलना में 9 गुना ज्यादा आवंटन
यूपीए सरकार के दौरान, वर्ष 2004 से 2014 के बीच बिहार को रेलवे विकास के लिए औसतन 1,132 करोड़ रुपये प्रति वर्ष ही मिलते थे। वहीं एनडीए सरकार के आने के बाद यह राशि कई गुना बढ़ी।
किस साल बिहार को कितना रेल बजट मिला
- 2009–2014: औसतन 1,132 करोड़ रुपये
- 2014–2019: 3,061 करोड़ रुपये
- 2019–2020: 4,093 करोड़ रुपये
- 2020–2021: 4,489 करोड़ रुपये
- 2021–2022: 5,150 करोड़ रुपये
- 2022–2023: 6,606 करोड़ रुपये
- 2023–2024: 8,505 करोड़ रुपये
- 2024–2025: 10,033 करोड़ रुपये
- 2025–2026: 10,066 करोड़ रुपये
इन आंकड़ों से साफ है कि एनडीए सरकार के दौरान बिहार को मिलने वाला रेल बजट लगातार बढ़ता रहा है।
विपक्ष ने उठाए सवाल
हालांकि विपक्षी दलों ने कुछ मुद्दों पर नाराजगी भी जताई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि अब अलग से रेल बजट का प्रावधान ही समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने मांग की कि—
- कोरोना काल में बंद की गई वरिष्ठ नागरिकों की रेल रियायत फिर से शुरू की जाए
- यात्री किराए में हुई बढ़ोतरी पर पुनर्विचार हो
- बिहार की सभी लंबित रेल परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाए
सत्ता पक्ष को बड़ी सौगात की उम्मीद
वहीं सत्ता पक्ष पिछली बार मिले बड़े आवंटन से उत्साहित है। जदयू प्रवक्ता अंजूम आरा ने कहा कि डबल इंजन की सरकार लगातार बिहार के विकास को प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा,
“रेल बजट में बिहार को इस बार भी बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद है। जो भी लंबित परियोजनाएं हैं, उन्हें जल्द पूरा किया जाना चाहिए। हमें भरोसा है कि केंद्र सरकार बिहार के हित में फैसला लेगी।”
नज़र बजट पर
अब सभी की निगाहें केंद्रीय बजट 2026 पर टिकी हैं। देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस बार भी बिहार को रेलवे के क्षेत्र में रिकॉर्ड आवंटन मिलता है या राज्य को कोई नई बड़ी रेल परियोजना की सौगात दी जाती है।

