गुवाहाटी टेस्ट में ध्वस्त हुई टीम इंडिया की बल्लेबाजी, रवि शास्त्री भड़के—कहा, “सेलेक्शन और बैटिंग ऑर्डर पूरी तरह उलझा हुआ है”
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच गुवाहाटी में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन भारतीय बल्लेबाजी बुरी तरह बिखर गई। टीम इंडिया ने दिन की शुरुआत 9/0 से की और केएल राहुल तथा यशस्वी जायसवाल ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका के 489 रन के जवाब में पारी आगे बढ़ाई। शुरुआती ओवरों में गेंद काफी मूव हो रही थी, इसलिए दोनों ओपनरों ने जोखिम नहीं लिया और कई डॉट बॉल खेलीं।
लेकिन एक अच्छी शुरुआत के बाद भारतीय बल्लेबाजी अचानक ढह गई। 65/0 से टीम इंडिया 122/7 पर सिमट गई और 57 रनों के भीतर 7 विकेट खो दिए। कई बल्लेबाजों ने बेहद लापरवाही भरी शॉट सिलेक्शन के चलते अपने विकेट ‘गिफ्ट’ कर दिए।
रवि शास्त्री ने कमेंट्री में दिखाई नाराज़गी
कमेंट्री के दौरान रवि शास्त्री ने साफ कहा कि बरसापारा स्टेडियम की पिच ऐसी नहीं थी कि टीम इंडिया 150/7 जैसी स्थिति में पहुंच जाए। उन्होंने टीम की लगातार हो रही बल्लेबाजी ऑर्डर की उथल-पुथल पर भी सवाल उठाए।
शास्त्री ने कहा:
“मेरी समझ से बाहर है कि आखिर सोच क्या है। जब यह सीरीज़ खत्म होगी तो टीम मैनेजमेंट को कई चयन फैसलों पर सोचना पड़ेगा। कोलकाता टेस्ट में 4 स्पिनर खिलाए और उनमें से एक को सिर्फ एक ओवर। वहां एक स्पेशलिस्ट बैटर खेल सकता था। फिर पिछले टेस्ट में वाशिंगटन सुंदर को नंबर 3 पर भेजा, लेकिन यहां उन्हें आराम से नंबर 4 पर भेज सकते थे। वो नंबर 8 के खिलाड़ी नहीं हैं।”
नंबर 3 की पोज़ीशन बनी ‘म्यूज़िकल चेयर’
राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा के बाद भारत की नंबर 3 की जगह लगातार बदलावों का शिकार रही है। हेड कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में यह अस्थिरता और बढ़ी है।
- इंग्लैंड दौरे पर करुण नायर और साई सुदर्शन को नंबर 3 पर आजमाया गया।
- वेस्ट इंडीज के खिलाफ सुदर्शन को बनाए रखा गया, लेकिन कोलकाता टेस्ट में उनकी जगह वाशिंगटन सुंदर को नंबर 3 भेज दिया गया।
- गुवाहाटी टेस्ट में सुदर्शन फिर नंबर 3 लौटे, जबकि सुंदर को नंबर 8 पर शिफ्ट कर दिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर टीम इंडिया को मजबूत बल्लेबाजी प्रदर्शन चाहिए, तो सबसे पहले स्थिर बल्लेबाजी क्रम तय करना बेहद जरूरी है।

