महिला आयोग ‘आपके द्वार’ अभियान की देहरादून से शुरुआत, जनसुनवाई में सामने आए कई गंभीर मामले
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला सशक्तिकरण के संकल्प को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय महिला आयोग के अभियान ‘महिला आयोग आपके द्वार’ के तहत उत्तराखंड में इस विशेष पहल की शुरुआत राजधानी देहरादून से की गई। अभियान के अंतर्गत सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय देहरादून परिसर स्थित कोषागार सभागार में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।
जनसुनवाई का संचालन उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता में किया गया। इस दौरान आयोग की सदस्य विमला नैथानी भी उपस्थित रहीं। सत्र में कुल 25 फरियादियों ने घरेलू हिंसा, आर्थिक सहायता, संपत्ति विवाद और भूमि धोखाधड़ी जैसे मामलों को आयोग के समक्ष रखा।
जनसुनवाई के दौरान कई संवेदनशील मामलों में अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मौके पर ही हस्तक्षेप करते हुए समाधान कराने के निर्देश दिए, जबकि कुछ जटिल मामलों को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को सौंप दिया गया। घरेलू हिंसा के दो मामलों में आयोग ने विशेष गंभीरता दिखाई और दोनों परिवारों को समझाइश देते हुए पारिवारिक सौहार्द बनाए रखने की सलाह दी। साथ ही उन्हें एक माह बाद पुनः आयोग के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश भी दिए गए।
एक मामले में अपर सारथी विहार निवासी व्यक्ति ने अपनी 93 वर्षीय अस्वस्थ माता की पेंशन निकालने के लिए बैंक कर्मचारियों के घर न आने की शिकायत की। फरियादी ने बताया कि वृद्धा की तबीयत ठीक न होने के कारण उन्हें हर माह बैंक ले जाना संभव नहीं है। इस पर अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने संबंधित बैंक प्रबंधक से वार्ता कर समस्या के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
एक अन्य मामले में पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी को सात वर्ष हो चुके हैं और बीमारी के समय उसका पति उसे मायके छोड़ देता है तथा उचित देखभाल और खान-पान की व्यवस्था नहीं करता। इस पर आयोग की अध्यक्ष ने नाराजगी व्यक्त करते हुए पीड़िता के पति को निर्देश दिया कि वह पत्नी के व्यक्तिगत खर्च के लिए प्रति माह पांच हजार रुपये उपलब्ध कराए।
जनसुनवाई के दौरान एक पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसके एक मुकदमे में आरोप पत्र की प्रति पिछले डेढ़ वर्ष से उपलब्ध नहीं कराई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नेहरू कॉलोनी थाना के एसएचओ को निर्देश दिए कि पीड़िता को आरोप पत्र की प्रति शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्याय में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।
इसी प्रकार एक अन्य महिला ने आयोग को बताया कि उसकी बेटी कई दिनों से लापता है और गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। इस पर अध्यक्ष ने पुलिस क्षेत्राधिकारी रीना राठौर को निर्देश दिए कि मामले में तुरंत कार्रवाई कर युवती को जल्द से जल्द सकुशल बरामद किया जाए।
इस जनसुनवाई की एक विशेष बात यह भी रही कि कुछ पुरुष भी पत्नी से प्रताड़ित होने की शिकायत लेकर आयोग के समक्ष पहुंचे। आयोग ने इन मामलों को भी संवेदनशीलता से सुनते हुए पारिवारिक सामंजस्य और उचित परामर्श के निर्देश दिए।
अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों की कई महिलाएं आयोग के मुख्यालय तक अपनी शिकायत लेकर नहीं पहुंच पाती हैं। ऐसे में ‘महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों में जनसुनवाई आयोजित की जा रही है, ताकि समाज के अंतिम छोर पर बैठी पीड़ित महिलाओं को भी समयबद्ध और सुलभ न्याय मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं की जमीनी स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
उन्होंने आगामी जनसुनवाई कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि आयोग स्वयं प्रदेश के कई जिलों में जाकर शिकायतों की सुनवाई करेगा। इसके तहत 10 मार्च को पौड़ी गढ़वाल, 11 मार्च को हरिद्वार, 12 मार्च को चंपावत और 13 मार्च को उधम सिंह नगर में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। अन्य जिलों में आयोग की उपाध्यक्ष और सदस्य भी इसी प्रकार की सुनवाई कर शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, आयोग की सदस्य सचिव उर्वशी चौहान, उपजिलाधिकारी न्यायिक कुमकुम जोशी, उपजिलाधिकारी सदर हरी गिरी, उपजिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा ढौंडियाल, जिला सूचना अधिकारी बद्री चंद, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से अधिवक्ता स्वाति शर्मा और प्रियंका बिष्ट, पुलिस विभाग से क्षेत्राधिकारी रीना राठौर, महिला एवं बाल विकास विभाग से प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट एवं शिखा कंडवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

