विनेश फोगाट को WFI का कारण बताओ नोटिस, 26 जून तक घरेलू टूर्नामेंट खेलने पर रोक
नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने स्टार महिला पहलवान Vinesh Phogat को अनुशासनहीनता और डोपिंग रोधी नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। महासंघ ने विनेश फोगाट को 15 पन्नों का नोटिस भेजते हुए उनसे कई गंभीर आरोपों पर जवाब मांगा है। साथ ही उन्हें 26 जून 2026 तक किसी भी घरेलू कुश्ती प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से रोक दिया गया है।
26 जून तक घरेलू प्रतियोगिताओं में नहीं खेल सकेंगी
डब्ल्यूएफआई ने स्पष्ट किया है कि विनेश फोगाट इस अवधि में किसी भी राष्ट्रीय या घरेलू टूर्नामेंट में भाग नहीं ले सकेंगी। इसमें उत्तर प्रदेश के गोंडा में 10 से 12 मई तक आयोजित होने वाला राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट भी शामिल है।
महासंघ के अनुसार यह फैसला यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) के डोपिंग रोधी नियमों के तहत लिया गया है। आरोप है कि विनेश फोगाट ने संन्यास से वापसी के लिए जरूरी छह महीने का अनिवार्य नोटिस नहीं दिया।
चार प्रमुख आरोपों पर मांगा जवाब
डब्ल्यूएफआई ने विनेश फोगाट से चार मुख्य मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा है। इनमें—
- 2024 पेरिस ओलंपिक में अयोग्य घोषित किए जाने का मामला
- डोपिंग रोधी नियमों के तहत ठिकाने की जानकारी देने में कथित विफलता
- मार्च 2024 में आईओए की तदर्थ समिति द्वारा आयोजित ट्रायल में दो भार वर्गों में हिस्सा लेना
- महासंघ और अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन से जुड़े अन्य आरोप शामिल हैं।
महासंघ का कहना है कि इन घटनाओं से भारतीय कुश्ती की छवि को नुकसान पहुंचा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा।
WFI ने क्या कहा?
डब्ल्यूएफआई द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि महासंघ को यह सुनिश्चित करना होगा कि खिलाड़ी ने ऐसा कोई डोपिंग रोधी उल्लंघन न किया हो, जिसके कारण वह भविष्य में महासंघ का प्रतिनिधित्व करने के अयोग्य हो जाए।
महासंघ ने कहा कि विनेश फोगाट का आचरण WFI संविधान, UWW के अंतरराष्ट्रीय कुश्ती नियमों और डोपिंग रोधी प्रावधानों के अनुरूप नहीं पाया गया है।
खेल जगत में चर्चा तेज
इस कार्रवाई के बाद भारतीय कुश्ती जगत में चर्चा तेज हो गई है। विनेश फोगाट देश की सबसे चर्चित महिला पहलवानों में शामिल रही हैं और कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। अब सभी की नजर उनके जवाब और WFI की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

