उत्तराखंड भूकंप: उत्तरकाशी में एक बार फिर महसूस किए गए भूकंप के झटके, दहशत में लोग
उत्तरकाशी | 5 अप्रैल 2025
उत्तराखंड के सीमांत और भूकंप-संवेदनशील जनपद उत्तरकाशी में शनिवार सुबह 10 बजकर 37 मिनट पर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। झटकों के चलते जिला मुख्यालय सहित आसपास के इलाकों में लोगों में हड़कंप मच गया। भयवश कई लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों से बाहर निकलकर खुले स्थानों की ओर दौड़ पड़े। हालांकि राहत की बात यह रही कि भूकंप की तीव्रता मामूली रही और कहीं से जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
भूकंप की पुष्टि, लेकिन अन्य क्षेत्रों में नहीं महसूस हुए झटके
आपदा कंट्रोल रूम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह भूकंप केवल जिला मुख्यालय क्षेत्र में ही महसूस किया गया। जनपद की अन्य तहसीलों से भूकंप के झटके महसूस होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है और भूकंप के संभावित प्रभावों का आकलन किया जा रहा है। भूकंप की तीव्रता और केंद्र (Epicenter) की जानकारी फिलहाल संबंधित भूकंप विज्ञान संस्थानों द्वारा संकलित की जा रही है।
लगातार आ रहे झटकों से लोगों में भय का माहौल
यह पहली बार नहीं है जब उत्तरकाशी में भूकंप के झटके महसूस किए गए हों। साल 2025 के जनवरी महीने में भी 9 से अधिक बार इस क्षेत्र में भूकंप के झटके दर्ज किए गए थे। लगातार हो रही इस प्रकार की भूकंपीय गतिविधियों के कारण स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।
ऐतिहासिक संदर्भ: 1991 की भीषण त्रासदी
यह उल्लेखनीय है कि उत्तरकाशी जनपद भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील क्षेत्र है। वर्ष 1991 में आए विनाशकारी भूकंप को आज भी लोग नहीं भूल पाए हैं, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान गई थी और हजारों मकान ध्वस्त हो गए थे। इस घटना ने उत्तरकाशी को एक हाई सिस्मिक ज़ोन के रूप में चिन्हित कर दिया था।
प्रशासन की सतर्कता और निर्देश
भूकंप की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. महेरबान बिष्ट ने आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और भूकंप से सुरक्षा के लिए निर्धारित सभी सावधानियों का पालन करें। साथ ही आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए सिविल डिफेंस, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग एवं राहत दलों को सक्रिय रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।
क्या करें, क्या न करें: प्रशासन की अपील
प्रशासन द्वारा आम जनता को भूकंप के समय सुरक्षित रहने हेतु निम्न सावधानियों को अपनाने की सलाह दी गई है:
- भूकंप के समय घर से बाहर निकलकर खुले स्थान में जाएं।
- यदि घर के भीतर हों तो किसी मजबूत फर्नीचर के नीचे बैठें और सिर को हाथों से ढकें।
- लिफ्ट का प्रयोग न करें।
- बिजली, गैस एवं पानी की आपूर्ति को तुरंत बंद करें।
- अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
निष्कर्ष
उत्तरकाशी में आए ताज़ा भूकंप के झटकों ने एक बार फिर इस क्षेत्र की संवेदनशीलता की याद दिला दी है। हालांकि इस बार किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई, लेकिन लगातार हो रही भूकंपीय हलचलों के कारण सतर्कता और आपदा तैयारी की आवश्यकता और अधिक बढ़ जाती है। प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों के साथ आम जनता की जागरूकता ही किसी भी आपदा से बचाव की सबसे बड़ी कुंजी है।


