उत्तराखंड में 1.65 लाख से अधिक महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’, पीएम मोदी के सामने होगा योजना का प्रेजेंटेशन
उत्तराखंड में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की सफलता एक नई ऊँचाई पर पहुँच गई है। ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत अब तक 1.65 लाख से ज्यादा महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। प्रदेश का यह मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा।
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैंप कार्यालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर NRLM की प्रगति और आगामी राष्ट्रीय कार्यक्रमों की तैयारियाँ समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मुख्य सचिवों का 5वां राष्ट्रीय सम्मेलन दिसंबर 2025 के पहले सप्ताह में ICAR पूसा, नई दिल्ली में आयोजित होगा।
इस सम्मेलन में विभिन्न थीमैटिक सेशंस होंगे, जिनमें उत्तराखंड को विशेष भूमिका दी गई है।
राज्य के मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन को “लखपति दीदी 3.0 – ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने हेतु वैल्यू चेन विकास” थीमैटिक मील का Convenor नियुक्त किया गया है। यह उत्तराखंड के महिला SHGs आधारित ग्रामीण विकास मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सराहना मानी जा रही है।
योजना के प्रमुख उद्देश्य
- ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए मजबूत वैल्यू चेन विकसित करना
- SHGs को एंटरप्राइज विकास के लिए प्रेरित करना
- उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और मार्केटिंग को जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना
- महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना
- लखपति दीदी मॉडल को देशभर में साझा करना
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सम्मेलन में उत्तराखंड की भागीदारी प्रभावी और नवाचारपूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तैयारियाँ समय पर पूरी की जाएं और केंद्र सरकार से समन्वय बनाए रखा जाए।
उन्होंने यह भी बताया कि लखपति दीदी योजना उत्तराखंड की एक प्रेरणादायक सफलता कहानी है, जिसे और विस्तार देते हुए ज्यादा ग्रामीण महिलाओं तक पहुंचाया जा रहा है।

