उत्तराखंड में सहकारी समितियों का चुनाव संपन्न, 668 समितियों में बनी प्रबंध कमेटियां – बीजेपी का दबदबा कायम
उत्तराखंड में बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (एमपैक्स) के प्रबंध समितियों के चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हो गए हैं। राज्य की कुल 671 सहकारी समितियों में से 668 समितियों में कोरम पूरा कर प्रबंध कमेटियों का गठन कर लिया गया है। इन समितियों में बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों ने भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज की है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर भी बीजेपी ने निर्णायक विजय हासिल की, जिससे सहकारिता क्षेत्र में उनका प्रभाव और मजबूत हुआ है।
सहकारिता क्षेत्र में सुधारों का मिला लाभ
पिछले कुछ वर्षों में सहकारिता विभाग में डिजिटलाइजेशन, पारदर्शिता, प्रभावी संचालन और किसानों व ग्रामीण समुदाय के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया गया। इन सुधारों का असर वोटिंग में भी दिखा और सहकारी समितियों के सदस्यों ने बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों पर भरोसा जताया।
671 एमपैक्स में 7,381 वार्ड — ज्यादातर पर निर्विरोध चुनाव
सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण के अनुसार:
- प्रदेश की 671 एमपैक्स में 7,381 वार्ड हैं
- इनमें से 6,235 वार्डों पर निर्विरोध चुनाव हुआ
- शेष वार्डों पर 19 नवंबर को मतदान हुआ और परिणाम उसी दिन घोषित कर दिए गए
- 20 नवंबर को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए मतदान व मतगणना भी पूरी कर ली गई
धन सिंह रावत बोले — यह सहकार से समृद्धि के संकल्प की जीत
सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने बीजेपी की इस जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” के विजन की सफलता बताया। उन्होंने कहा कि ये परिणाम सहकारी संस्थाओं की पारदर्शिता, दक्षता और किसानों, काश्तकारों, कारीगरों एवं महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रमाण है।
रावत ने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत और सहकारी समितियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में “बड़ी उपलब्धि” बताया।
आगे होंगे जिला व राज्य स्तर के चुनाव
24 अक्टूबर को उत्तराखंड सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण की बैठक में तय कार्यक्रम के अनुसार:
- 19 नवंबर को प्राथमिक समितियों के सदस्य चुने गए
- 20 नवंबर को अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चयन पूरा हुआ
- अब अगले चरण में जिला स्तरीय सहकारी संघों और जिला सहकारी बैंकों के चुनाव होंगे
- अंतिम चरण में राज्य स्तरीय संघों और बैंकों के चुनाव कराए जाएंगे

