उत्तराखंड: भालू के हमले में ग्रामीण गंभीर घायल, गांव में दहशत का माहौल
उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ विकासखंड स्थित जुणगा गांव में भालू के हमले से एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। घायल व्यक्ति को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ब्रह्मखाल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।
खेत जाते समय हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, 9 फरवरी को सुबह करीब साढ़े दस बजे जुणगा गांव निवासी 45 वर्षीय मुकेश उर्फ मकानी सिंह भंडारी पुत्र केंद्र सिंह, घंडियाल धार नामे तोक की ओर किसी काम से जा रहे थे। इसी दौरान जंगल क्षेत्र में एक भालू अपने दो बच्चों के साथ अचानक उन पर झपट पड़ा। भालू के हमले से बचने के लिए मुकेश ने भागकर जान बचाई। आसपास मौजूद ग्रामीणों के शोर मचाने पर भालू अपने बच्चों के साथ जंगल की ओर भाग गया।
गंभीर चोटें, अस्पताल में इलाज जारी
भालू के हमले में मुकेश सिंह के पैर, कोहनी और कान में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल को दोपहर के समय ब्रह्मखाल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
स्थानीय ग्रामीण प्रदीप कैंतुरा ने बताया,
“भालू अपने बच्चों के साथ घूम रहा था। इस घटना के बाद गांव में लोग काफी डरे हुए हैं।”
पहले भी हो चुकी हैं जानलेवा घटनाएं
बताया जा रहा है कि उत्तरकाशी जिले में इससे पहले भी भालू के हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। भटवाड़ी क्षेत्र के औंगी और हीना गांव में बीते साल दिसंबर में भालू के हमले से बचने के प्रयास में पहाड़ी से गिरकर दो लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, कई अन्य लोग भी भालू के हमलों में घायल हो चुके हैं।
धरासू रेंज के रेंजर जगमोहन सिंह गंगाड़ी ने बताया,
“भालू के हमले की सूचना मिलते ही टीम मौके पर भेजी गई है। घायल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है। मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि हमला भालू ने किया है या किसी अन्य वन्य जीव ने।”
वन विभाग द्वारा क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की गई है।

