देहरादून में 17 साल बाद एनकाउंटर: 50 हजार का इनामी बदमाश ढेर, सीने पर गोली खाकर भी ठेकेदार ने पुलिस को बुलाया; मुठभेड़ में थाना प्रभारी भी घायल
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए खूंखार इनामी बदमाश को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। प्रेमनगर थाना क्षेत्र में जानलेवा हमला कर लूट की घटना को अंजाम देकर भाग रहे बदमाशों की पुलिस के साथ आमने-सामने की मुठभेड़ हो गई। इस कार्रवाई में 50 हजार का इनामी बदमाश मारा गया, जबकि प्रेमनगर थाना प्रभारी नरेश राठौड़ गोली लगने से घायल हो गए। फिलहाल थाना प्रभारी और पीड़ित ठेकेदार की हालत स्थिर है और उनका इलाज जारी है।
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप और एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
कैसे शुरू हुई मुठभेड़? ठेकेदार ने दिखाई गजब की हिम्मत
घटना 29 अप्रैल (बुधवार) रात करीब 10:30 बजे की है। पौंधा इलाके में ठेकेदार देवराज अपना काम खत्म कर घर लौट रहे थे।
- रास्ते में तीन हथियारबंद बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और तमंचे के बल पर 2 लाख रुपये से भरा बैग छीनने की कोशिश की।
- जब ठेकेदार ने बैग देने से इनकार किया, तो बदमाशों ने उनकी पीठ पर गोली मार दी।
- गोली लगने से गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद देवराज ने अदम्य साहस का परिचय दिया और तुरंत ‘112’ पर कॉल कर पुलिस को सूचना दे दी।
आमने-सामने की फायरिंग और 10 राउंड गोलियां
सूचना मिलते ही प्रेमनगर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस की एक टीम ने घायल ठेकेदार को अस्पताल पहुंचाया, जबकि दूसरी टीम ने इलाके की घेराबंदी कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। दोनों तरफ से करीब 10 राउंड फायरिंग हुई।
- इस खूनी खेल में एक गोली थाना प्रेमनगर प्रभारी नरेश राठौड़ को लग गई।
- वहीं, पुलिस की गोली का शिकार होकर एक बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गया (जिसने बाद में कोरोनेशन अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया)।
- अंधेरे का फायदा उठाकर मृतक बदमाश के दो अन्य साथी मौके से फरार होने में कामयाब रहे, जिनकी तलाश में कॉम्बिंग जारी है।
कौन था मारा गया बदमाश? (अकरम की क्राइम कुंडली)
घटनास्थल पर पहुंची फॉरेंसिक (FSL) टीम को मृतक बदमाश का मोबाइल मिला। एसओजी और साइबर सेल की जांच में उसकी पहचान अकरम (निवासी शामली, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई।
- बालावाला का कातिल: अकरम वही खूंखार अपराधी था, जिसने साल 2014 में अपने साथियों के साथ मिलकर बालावाला क्षेत्र में डकैती डाली थी और बंधक बनाकर ‘अंकित’ नामक युवक की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी थी।
- इनाम: इस घटना के बाद से फरार अकरम पर देहरादून पुलिस ने 50 हजार रुपये और यूपी की शामली पुलिस ने लूट के एक मामले में 5 हजार रुपये का ईनाम रखा था।
- आपराधिक इतिहास: अकरम पर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में हत्या, लूट और डकैती जैसे 14 संगीन मुकदमे दर्ज थे। 2017 में वह हथियार के साथ पकड़ा गया था और 2024-2025 में भी पटेलनगर व क्लेमेंटटाउन से चोरी के मामलों में जेल जा चुका था। पुलिस के अनुसार, वह कोर्ट की पेशी के लिए देहरादून आया था और इसी दौरान उसने लूट की साजिश रची।
एसएसपी का बयान: 100 प्रतिशत माल बरामद
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि मौके से पुलिस ने एक देशी पिस्टल, एक देसी तमंचा और ठेकेदार से लूटा गया शत-प्रतिशत माल (नकदी से भरा बैग) बरामद कर लिया है। घायल ठेकेदार देवराज ने समय पर जान बचाने के लिए देहरादून पुलिस और विशेषकर इंस्पेक्टर नरेश राठौड़ का आभार व्यक्त किया है। फरार बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं और शामली के पुलिस अधीक्षक को भी घटना की सूचना दे दी गई है।
फ्लैशबैक: देहरादून में 17 साल बाद गूंजी एनकाउंटर की गूंज
गौरतलब है कि शांत माने जाने वाले देहरादून में पूरे 17 साल बाद पुलिस का कोई एनकाउंटर हुआ है। इससे पहले 3 जुलाई 2009 को देहरादून के लाडपुर के जंगलों में बहुचर्चित ‘रणवीर एनकाउंटर’ हुआ था। उस कथित फर्जी मुठभेड़ में पुलिस द्वारा 29 राउंड फायरिंग का दावा किया गया था, जिस पर काफी विवाद हुआ और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। 17 साल बाद हुए इस ताज़ा एनकाउंटर ने दून पुलिस के सख्त एक्शन मोड को दर्शाया है

