पीएमजीएसवाई के अपूर्ण कार्यों की समयसीमा बढ़ने से उत्तराखंड को बड़ी राहत: गणेश जोशी
देहरादून, 11 मार्च। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के प्रथम चरण के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समयसीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ाए जाने के निर्णय का उत्तराखंड सरकार ने स्वागत किया है। प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने इस महत्वपूर्ण फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है।
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार के इस निर्णय से उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत कई सड़क निर्माण कार्य अभी भी अपूर्ण हैं। इन सड़कों को पूरा करने के लिए पहले राज्य सरकार पर पूरा वित्तीय भार आने की संभावना थी, लेकिन अब केंद्र सरकार द्वारा समयसीमा बढ़ाए जाने के साथ ही वित्तीय व्यवस्था को भी स्पष्ट कर दिया गया है।
उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत लगभग 55 सड़क निर्माण कार्य अभी अधूरे हैं। पहले इन कार्यों को पूरा करने का पूरा वित्तीय भार राज्य सरकार को उठाना पड़ सकता था, लेकिन अब केंद्र सरकार के निर्णय के बाद इन परियोजनाओं का खर्च केंद्र और राज्य सरकार के बीच 90:10 के अनुपात में साझा किया जाएगा। इससे राज्य सरकार पर पड़ने वाला आर्थिक दबाव काफी कम होगा और सड़क निर्माण कार्यों को तेज गति से पूरा करने में मदद मिलेगी।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सड़क संपर्क किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होता है। उत्तराखंड के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क सुविधाएं मजबूत होने से वहां रहने वाले लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। इस योजना से प्रदेश के कई दूरस्थ गांवों को सड़क संपर्क मिला है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिली है।
ग्राम्य विकास मंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में सभी लंबित सड़क परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलेगी और लोगों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।

