देहरादून- राष्ट्रीय खेलों के दौरान किए गए कार्यक्रमों के बिल लंबित, पांडावाज ने मुख्यमंत्री से जल्द भुगतान कराने की मांग की
उत्तराखंड के चर्चित म्यूजिक ग्रुप पांडावाज ने अपने लंबित भुगतान के मामले को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से एक बार फिर हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। पहले मुख्यमंत्री के इंस्टाग्राम वीडियो पर कमेंट कर भुगतान का मुद्दा उठाने के बाद अब पांडावाज ने आधिकारिक पत्र जारी कर अपनी समस्या विस्तार से सामने रखी है। समूह का कहना है कि 38वें राष्ट्रीय खेल उत्तराखंड 2025 के दौरान किए गए कार्यक्रमों से संबंधित उसके बिल करीब 20 से 21 महीने से लंबित हैं और अब तक भुगतान नहीं हुआ है।
पांडावाज ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा है कि अब उन्हें उनसे ही उम्मीद है, क्योंकि अन्य अधिकारियों की ओर से अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। समूह ने बताया कि उसने 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए टीम सॉन्ग तैयार किया था। इसके अलावा मशाल यात्रा के विभिन्न कार्यक्रमों में प्रस्तुति दी और उद्घाटन समारोह में भी हिस्सा लिया। पांडावाज के मुताबिक, उत्तराखंड की संस्कृति, पहचान और गौरव को देशभर में पहुंचाने के लिए उसने पूरी निष्ठा से अपना योगदान दिया।

दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 के बिल अब तक लंबित
पांडावाज ने पत्र में बताया कि दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 में किए गए कार्यक्रमों के बिल सितंबर 2026 तक लंबित हैं। समूह का कहना है कि करीब 20 से 21 महीने बीत जाने के बावजूद उसे अपने काम का भुगतान नहीं मिला है। इस संबंध में उसने सीएम हेल्पलाइन, खेल विभाग, खेल मंत्री, संबंधित अधिकारियों और मुख्यमंत्री आवास स्थित हेल्पडेस्क सहित विभिन्न स्तरों पर शिकायत और अनुरोध किए, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ।
बजट नहीं होने की बात कहकर मांगा गया था सहयोग
पत्र में पांडावाज ने दावा किया है कि विभाग की ओर से पहले उसे बजट उपलब्ध नहीं होने की बात बताई गई थी और सहयोग करने का अनुरोध किया गया था। समूह का कहना है कि उसने परिस्थितियों को समझते हुए अपनी जिम्मेदारी पूरी की, लेकिन अब न तो उसके फोन उठाए जा रहे हैं और न ही संदेशों का जवाब मिल रहा है।
पांडावाज ने सवाल उठाया है कि यदि अन्य कलाकारों और बैंड्स को भुगतान किया जा चुका है, तो उसके भुगतान में देरी क्यों हो रही है। समूह ने स्पष्ट किया कि वह किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहा, बल्कि अपने द्वारा किए गए कार्य का उचित भुगतान चाहता है।
भू-कानून और अंकिता भंडारी मामले पर भी मुखर रहा है पांडावाज
पांडावाज उत्तराखंड की संस्कृति और सामाजिक मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय रहा है। समूह ने भू-कानून और अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे मुद्दों पर भी सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है। इससे पहले मुख्यमंत्री के इंस्टाग्राम वीडियो पर कमेंट कर लंबित भुगतान का मुद्दा उठाने के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हुई थीं।
कुछ लोगों ने समूह के मुखर रुख को भुगतान में देरी से जोड़कर देखा, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पांडावाज ने अपने पत्र में भी भुगतान लंबित रहने के पीछे किसी राजनीतिक या अन्य कारण का स्पष्ट आरोप नहीं लगाया है।
मुख्यमंत्री से जल्द समाधान की अपील
पांडावाज ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मामले का संज्ञान लेकर संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश देने और लंबित भुगतान का निपटारा जल्द सुनिश्चित कराने की अपील की है। समूह ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो सकेगा।
अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री कार्यालय और खेल विभाग की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं और पांडावाज को उसके लंबित भुगतान के लिए कब तक इंतजार करना पड़ता है।

