देहरादून- एमडीडीए का अवैध प्लाटिंग और निर्माण पर बड़ा एक्शन
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के निर्देशों के क्रम में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शुक्रवार को अवैध प्लाटिंग और बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने देहरादून में दो स्थानों पर अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया, जबकि मसूरी-देहरादून मार्ग पर एक अवैध निर्माण को सील कर दिया। एमडीडीए ने साफ किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र या अनुमति के किसी भी प्रकार का निर्माण अथवा भू-विकास किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में अभियान लगातार जारी रहेगा।
मेहुवाला माफी में चार बीघा की अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
एमडीडीए की टीम ने मुर्सलीन, सुल्तान एवं अन्य द्वारा कैलाशपुर रोड के निकट मेहुवाला माफी क्षेत्र में लगभग चार बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। जांच में पाया गया कि प्लाटिंग के लिए प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृति नहीं ली गई थी। संबंधित लोगों को पहले कारण बताओ नोटिस और कार्य रोकने का नोटिस जारी किया गया था, लेकिन निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 के तहत कार्रवाई करते हुए पूरी अवैध प्लाटिंग ध्वस्त कर दी गई।
मसूरी मार्ग पर बिना अनुमति निर्माण सील
दूसरी कार्रवाई में एमडीडीए ने नितिन खन्ना द्वारा मसूरी-देहरादून मोटर मार्ग स्थित गलोगी धार क्षेत्र में बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण को सील कर दिया। अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य के लिए प्राधिकरण से कोई स्वीकृति नहीं ली गई थी। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर मौके पर ही सीलिंग की कार्रवाई कर निर्माण कार्य रोक दिया गया।
कारवारी ग्रांट में 10 से 15 बीघा की अवैध कॉलोनी पर चला बुलडोजर
एमडीडीए ने तीसरी कार्रवाई में शिव प्रसाद नैनवाल एवं जगदीश प्रसाद नैनवाल द्वारा शिमला बाईपास रोड स्थित कारवारी ग्रांट नहर वाली रोड पर लगभग 10 से 15 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को भी ध्वस्त कर दिया। इस मामले में पहले से वाद दर्ज किया गया था और संबंधित पक्षों को जवाब देने का पर्याप्त अवसर दिया गया था। संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि अवैध प्लाटिंग और बिना स्वीकृति के निर्माण कार्यों के खिलाफ नियमित अभियान जारी रहेगा। बिना मानचित्र स्वीकृति या भू-उपयोग परिवर्तन के किसी भी प्रकार का निर्माण अथवा प्लाटिंग पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी भूखंड की खरीद या भवन निर्माण से पहले उसकी वैधानिक स्थिति और एमडीडीए की स्वीकृति की जांच अवश्य करें।
बंशीधर तिवारी बोले- नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर नहीं
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप प्राधिकरण अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध लगातार अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को नियमों की अनदेखी कर कॉलोनी विकसित करने या निर्माण कार्य करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कठोर कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
बिना अनुमति निर्माण शुरू न करें : मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। बिना स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण और अवैध प्लाटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें तथा किसी भी भूमि की खरीद से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की पूरी जांच कर लें।

