देहरादून के इंजीनियर्स एन्कलेव में अवैध निर्माण सील, व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए बन रहे थे टिन शेड और कमरे
देहरादून, 17 अक्टूबर। राजधानी देहरादून में अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में प्राधिकरण की टीम ने कावली क्षेत्र के इंजीनियर्स एन्कलेव में बिना स्वीकृत मानचित्र के व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किए जा रहे निर्माण को सील कर दिया। कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में की गई।
बिना स्वीकृति बनाए जा रहे थे टिन शेड और कमरे
MDDA के अनुसार, अनिल सक्सेना एवं अन्य की ओर से मिलन विहार के सामने, इंजीनियर्स एन्कलेव, कावली स्थित स्थल पर व्यावसायिक उपयोग के लिए टिन शेड और कमरों का निर्माण किया जा रहा था। निर्माण के लिए आवश्यक मानचित्र स्वीकृति नहीं ली गई थी।
प्राधिकरण ने मामले का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 में उत्तराखंड संशोधन अधिनियम, 2009 की सुसंगत धाराओं के तहत संबंधित पक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया। साथ ही, मौके पर चल रहे निर्माण कार्य को रोकने के निर्देश दिए गए और मामले में नियमानुसार सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
सुनवाई में नहीं मिले जरूरी दस्तावेज
प्राधिकरण ने मामले की सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की थी। निर्धारित तिथि पर संबंधित पक्ष सुनवाई में उपस्थित हुआ, लेकिन MDDA के मुताबिक व्यावसायिक निर्माण के लिए आवश्यक स्वीकृति से जुड़े अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। संबंधित पक्ष का जवाब भी प्राधिकरण को संतोषजनक नहीं लगा।
इसके बाद प्राधिकरण ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मौके पर किए जा रहे निर्माण को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल मौजूद रहा।
अवैध निर्माण के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई
MDDA देहरादून और मसूरी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग, बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माणों की निगरानी कर रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि शहरी विकास को नियोजित तरीके से आगे बढ़ाने और निर्माण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसी कार्रवाई की जा रही है।
MDDA उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण करने वालों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि भवन निर्माण या व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निर्माण शुरू करने से पहले जरूरी मानचित्र और अनुमतियां प्राप्त कर लें।
वहीं, MDDA सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माण के मामलों में संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। इंजीनियर्स एन्कलेव के मामले में सुनवाई के दौरान आवश्यक स्वीकृति से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए और जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद सीलिंग की कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माणों के खिलाफ प्राधिकरण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


