एमडीडीए का बड़ा एक्शन: डोईवाला में 30 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, मसूरी समेत कई स्थानों पर निर्माण सील
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ बुधवार को व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाते हुए डोईवाला, कारगी ग्रांट, यूनिवर्सिटी रोड और मसूरी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। अभियान के दौरान लगभग 30 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया, जबकि कई अवैध व्यावसायिक एवं आवासीय निर्माणों को सील कर दिया गया।
एमडीडीए की प्रवर्तन टीम ने प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई को अंजाम दिया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि बिना मानचित्र स्वीकृति और वैधानिक अनुमति के किए जाने वाले किसी भी निर्माण या प्लॉटिंग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डोईवाला में 30 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर
अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई डोईवाला क्षेत्र के खत्ता रोड स्थित रेलवे फाटक के निकट की गई। यहां परमजीत कौर, शूरवीर सिंह पंवार, विनोद रावत, शाहरुख वसीम और नरेंद्र बसेरा द्वारा लगभग 30 बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग विकसित की जा रही थी।
एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्लॉटिंग के लिए बनाई गई सड़कें, सीमांकन और अन्य अवैध संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार संबंधित भूमि विकास कार्य बिना आवश्यक स्वीकृति के किया जा रहा था।
कारगी ग्रांट में अवैध दुकानों पर सीलिंग
प्रवर्तन अभियान के तहत विजिलेंस ऑफिस रोड, कारगी ग्रांट क्षेत्र में फरमान द्वारा निर्मित की जा रही अवैध दुकानों को भी सील कर दिया गया। जांच में निर्माण कार्य नियमों के विपरीत पाया गया।
एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार संबंधित पक्ष को पूर्व में नोटिस और चेतावनी दी गई थी, लेकिन निर्माण कार्य जारी रहने पर सीलिंग की कार्रवाई करनी पड़ी।
यूनिवर्सिटी रोड पर अवैध व्यावसायिक निर्माण सील
ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी रोड क्षेत्र में यामीन, अमीर खान एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण पर भी एमडीडीए ने कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमतियों के संचालित पाया गया।
प्राधिकरण की टीम ने निर्माण स्थल को तत्काल प्रभाव से सील करते हुए आगे किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए।
मसूरी क्षेत्र में भी चला अभियान
एमडीडीए ने टिहरी-चंबा रोड स्थित टिपरी धार, मसूरी क्षेत्र में भी कार्रवाई करते हुए सुरेश कुमार, सरोजनी देवी और प्रीति कुमारी द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को सील कर दिया।
प्राधिकरण ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में अनियंत्रित एवं अवैध निर्माण पर्यावरण और भौगोलिक दृष्टि से गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
नागरिकों से वैधानिक जांच की अपील
एमडीडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड की खरीद या निर्माण कार्य शुरू करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें। बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों में निवेश भविष्य में आर्थिक और कानूनी समस्याएं खड़ी कर सकता है।
बंशीधर तिवारी बोले— अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, “प्राधिकरण की प्राथमिकता नियोजित, सुरक्षित और टिकाऊ शहरी विकास सुनिश्चित करना है। डोईवाला सहित विभिन्न क्षेत्रों में की गई कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। नागरिक किसी भी भूमि या भवन में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें।”
मोहन सिंह बर्निया ने कहा— अभियान लगातार जारी रहेगा
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्रवर्तन टीम नियमित रूप से क्षेत्रीय निरीक्षण कर रही है। जहां भी बिना स्वीकृति प्लॉटिंग या निर्माण कार्य संचालित पाए जाएंगे, वहां नियमानुसार सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि भवन निर्माण और भूमि विकास कार्य केवल निर्धारित नियमों के अनुरूप ही किए जाने चाहिए और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

