आंध्र प्रदेश से अफ्रीका तक: कैसे ‘कैस नायडू’ बनीं दक्षिण अफ्रीका की पहली महिला क्रिकेट कमेंटेटर
क्रिकेट कमेंट्री का मैदान लंबे समय तक पुरुषों के वर्चस्व में रहा है, लेकिन समय के साथ कुछ महिलाओं ने इस सोच को तोड़ा और अपनी अलग पहचान बनाई। इन्हीं नामों में शामिल हैं कस्तूरी नायडू, जिन्हें दुनिया कैस नायडू के नाम से जानती है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की पहली महिला क्रिकेट कमेंटेटर बनकर इतिहास रच दिया।
महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान भारत में लाइव कमेंट्री करना उनके लिए एक भावनात्मक और सपनों को साकार करने वाला पल था। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि कैस नायडू की जड़ें भारत, खासकर आंध्र प्रदेश से जुड़ी हुई हैं।
आंध्र प्रदेश से जुड़ा है कैस नायडू का रिश्ता
दक्षिण अफ्रीका के डरबन में जन्मी और पली-बढ़ी कस्तूरी नायडू का पैतृक गांव आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली में है। उनके माता-पिता भगवती और सन्नासी नायडू इसी क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं, जबकि उनके नाना का गांव अनाकापल्ली के पास वेंकोजीपालेम था।
हालांकि उनका परिवार उनके दादा-दादी के समय दक्षिण अफ्रीका चला गया था, लेकिन भारत से उनका भावनात्मक रिश्ता कभी टूटा नहीं।
कस्तूरी अपनी मां से आंध्र प्रदेश की कहानियां सुनते हुए बड़ी हुईं। यही किस्से-कहानियां उन्हें अपनी तेलुगु विरासत और भारत से जोड़े रखती रहीं।
बचपन से ही खेलों की दीवानी थीं कस्तूरी
कस्तूरी बचपन में बेहद एक्टिव थीं और खेलों के प्रति उनका लगाव साफ नजर आता था। उन्होंने नेटबॉल और रेसिंग में शानदार प्रदर्शन किया।
कस्तूरी बताती हैं,
“मेरे जीवन का टर्निंग पॉइंट तब आया, जब मैंने वेस्टइंडीज की कमेंटेटर डोना साइमंड्स को कमेंट्री करते सुना। उसी दिन, 14 साल की उम्र में मैंने तय कर लिया कि मुझे क्रिकेट कमेंटेटर बनना है।”
उस दौर में यह सपना देखना ही अपने-आप में एक बड़ी बात थी।
पत्रकारिता से कमेंट्री बॉक्स तक का सफर
कस्तूरी नायडू ने पत्रकारिता की पढ़ाई की और रेडियो व टेलीविजन में रिपोर्टर और स्पोर्ट्स प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया।
2003 में उन्हें ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान टीवी होस्ट बनने का मौका मिला। यहीं से उनके करियर ने उड़ान भरी।
2006 में उन्होंने हांगकांग सिक्सर टूर्नामेंट से अंतरराष्ट्रीय कमेंट्री में डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने:
- चार क्रिकेट वर्ल्ड कप में एंकरिंग
- भारत-दक्षिण अफ्रीका सीरीज़ कवरेज
- कई इंटरनेशनल लीग्स में कमेंट्री
जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया।
ICC पैनल और ऐतिहासिक उपलब्धि
2023 में कैस नायडू को ICC के आधिकारिक कमेंट्री पैनल में शामिल किया गया। उन्होंने पुरुष और महिला दोनों इंटरनेशनल मैचों में कमेंट्री की।
‘Historic Women’ पहल के तहत ईसा गुहा, मिताली राज और सना मीर जैसे दिग्गज नामों के साथ उनका शामिल होना स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग में महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हुआ।
भारत में महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान कमेंट्री करना उनके लिए बेहद भावुक क्षण था।
बिना क्रिकेट खेले बनीं दिग्गज कमेंटेटर
दिलचस्प बात यह है कि कैस नायडू ने कभी प्रोफेशनल क्रिकेट नहीं खेला। इसी वजह से शुरुआत में उनकी आलोचना भी हुई।
हालांकि उन्होंने हर्षा भोगले जैसे दिग्गज कमेंटेटर से मार्गदर्शन लिया और कड़ी मेहनत की।
उनकी स्पष्ट आवाज़, गहरी समझ और कहानी कहने की कला ने जल्द ही आलोचकों को खामोश कर दिया।
महिलाओं के खेल को मिला नया मंच
2006 में, महिलाओं के खेल को पर्याप्त कवरेज न मिलने के कारण कस्तूरी और उनके पति रायक ने G-Sport4Girls नाम का डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया।
आज यह प्लेटफॉर्म दक्षिण अफ्रीका का सबसे प्रमुख महिला खेल मीडिया प्लेटफॉर्म बन चुका है।
परिवार और प्रोफेशन का संतुलन
तीन बच्चों की मां कस्तूरी नायडू अपने पारिवारिक जीवन और प्रोफेशनल करियर के बीच शानदार संतुलन बनाती हैं। वह आज भी खेलों में महिलाओं की भागीदारी और पहचान के लिए लगातार आवाज़ उठाती हैं।
कस्तूरी कहती हैं,
“जुनून, मेहनत और आत्मविश्वास से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।”

