Iran War Live Updates: ट्रंप का बड़ा दावा—अमेरिका ने ईरान में हासिल की जीत, ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ रहेगा जारी
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अब 34वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने राष्ट्र के नाम संबोधन में बड़ा दावा करते हुए कहा कि अमेरिका ने इस युद्ध में “बड़ी जीत” हासिल कर ली है और ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ आगे भी जारी रहेगा।
ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हुआ तो आने वाले 2-3 हफ्तों में और भी बड़े हमले किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने बचे हुए सैन्य लक्ष्यों को जल्द ही पूरा करेगा।
ट्रंप की चेतावनी: “ईरान को स्टोन एज में पहुंचा देंगे”
राष्ट्र को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने बेहद कम समय में बड़ी सैन्य सफलता हासिल की है। उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा—
“अगर डील नहीं हुई तो हम उन्हें स्टोन एज में वापस भेज देंगे।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि युद्ध खत्म होने के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति सामान्य हो जाएगी और गैस व स्टॉक मार्केट पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, कई देशों की सक्रियता
इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहा संयुक्त अभियान मिडिल ईस्ट की तस्वीर बदल रहा है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने संकेत दिया कि अगर सुरक्षा की गारंटी मिलती है तो ईरान युद्ध खत्म करने को तैयार है।
पाकिस्तान ने दी मध्यस्थता की पेशकश
Pakistan ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेजबानी करने की पेशकश की है। पाकिस्तान का कहना है कि वह इस संघर्ष का स्थायी समाधान निकालने के लिए तैयार है।
ईरान का जवाबी हमला, अमेरिकी बेस निशाने पर
ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन स्थित अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है। वहीं लेबनान में इजराइली हमलों में कई लोगों की मौत की खबर है। दूसरी तरफ हिज़्बुल्लाह ने भी इजराइल पर ड्रोन और रॉकेट हमलों का दावा किया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर वैश्विक चिंता
दुनिया की तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम Strait of Hormuz के बंद होने से वैश्विक संकट गहराता जा रहा है। इसे खोलने के लिए 35 देशों की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें India को भी शामिल होने का न्योता मिला है।
भारत का बड़ा ऑपरेशन: 1200 नागरिक सुरक्षित निकाले गए
भारत सरकार ने जानकारी दी है कि अब तक 1200 से अधिक भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हैं। हालांकि इस संघर्ष में कुछ भारतीयों के घायल होने और एक के लापता होने की भी खबर है।
चीन ने की तत्काल युद्धविराम की अपील
China ने इस पूरे संघर्ष पर चिंता जताते हुए तुरंत सीजफायर की मांग की है। चीन का कहना है कि सैन्य कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा और यह किसी भी पक्ष के हित में नहीं है।
क्या है आगे का खतरा?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द युद्धविराम नहीं हुआ तो यह संघर्ष पूरे मिडिल ईस्ट को अपनी चपेट में ले सकता है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर बड़ा असर पड़ सकता है।

