देहरादून- गढ़वाल आयुक्त का औचक निरीक्षण, बोले- मतदाता सुनवाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत गढ़वाल आयुक्त एवं रोल ऑब्जर्वर आनंद स्वरूप ने शुक्रवार को राजपुर रोड (अ.जा.) और मसूरी विधानसभा क्षेत्रों के विभिन्न मतदेय स्थलों एवं सुनवाई शिविरों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मतदाता सुनवाई प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी पात्र मतदाता को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए तथा भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए।
आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि बीएलओ आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों के अलावा किसी भी प्रकार के अतिरिक्त या अनावश्यक दस्तावेज की मांग न करें। प्रत्येक सुनवाई के बाद उसकी जानकारी तत्काल बीएलओ एप और ईआरओ नेट पर अपडेट की जाए, ताकि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान पूरी पारदर्शिता और प्रभावशीलता के साथ संचालित हो सके।
राजपुर रोड और मसूरी के सुनवाई शिविरों का किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एनपी देवली सहित निर्वाचन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
गढ़वाल आयुक्त ने राजपुर रोड (अ.जा.) विधानसभा के डीएवी इंटर कॉलेज, करनपुर और सेंट थॉमस कॉलेज क्रॉस रोड स्थित मतदेय स्थलों के अलावा मसूरी विधानसभा के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज, डोभालवाला में आयोजित सुनवाई शिविरों का निरीक्षण किया।
मतदाताओं से की सीधी बातचीत
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने सुनवाई के लिए पहुंचे मतदाताओं से बातचीत कर यह जानकारी ली कि बीएलओ उनसे किस प्रकार के दस्तावेज मांग रहे हैं।
बीएलओ ने बताया कि अनमैप्ड वोटर्स श्रेणी के मतदाताओं से वर्ष 2003 की निर्वाचक नामावली से संबंधित विवरण मांगा जा रहा है। यदि यह उपलब्ध नहीं है तो निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 मान्य दस्तावेजों में से कोई भी दस्तावेज स्वीकार किया जा रहा है।
वहीं एनोमली (विसंगति) श्रेणी के मामलों में नाम या संबंधी के नाम में मामूली त्रुटि होने पर किसी एक मान्य दस्तावेज के आधार पर सुनवाई की जा रही है।
सुनवाई कक्ष में प्रदर्शित हो मान्य दस्तावेजों की सूची
गढ़वाल आयुक्त ने सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) को निर्देश दिए कि प्रत्येक सुनवाई कक्ष में आयोग द्वारा मान्य सभी दस्तावेजों की सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए। इससे मतदाताओं को आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बीएलओ एप और ईआरओ नेट पर तत्काल करें अपडेट
आयुक्त ने सभी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, बीएलओ सुपरवाइजरों और बीएलओ को निर्देश दिए कि आयोग के निर्धारित मानकों के अनुसार समयबद्ध तरीके से प्रत्येक प्रकरण की सुनवाई पूरी करें। उन्होंने कहा कि किसी भी मतदाता के साथ अनावश्यक विलंब या असुविधा स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने ईआरओ नेट पर अपलोड की जा रही रिपोर्ट की भी समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जैसे-जैसे नोटिसों का निस्तारण होता जाए, उसकी प्रविष्टि तत्काल बीएलओ एप और ईआरओ नेट पर दर्ज की जाए, ताकि अभियान की वास्तविक प्रगति का अद्यतन रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।

