देहरादून डीएम की संवेदनशील पहल: दिवंगत संविदा कर्मी की बेटी को दी 25 हजार की मदद, नारी निकेतन के लिए ‘ऑन-द-स्पॉट’ बजट मंजूर
देहरादून, 30 अप्रैल 2026। देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत ‘मिशन वात्सल्य योजना’ की जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति (DCWPC) की अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बाल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ डीएम बंसल का बेहद मानवीय और संवेदनशील चेहरा भी देखने को मिला, जहां उन्होंने कई मामलों में त्वरित फैसले (Quick Decisions) लिए।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता बरती जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दिवंगत संविदा कर्मी की बेटी को 25 हजार की आर्थिक मदद
प्रशासन की ओर से एक बेहद संवेदनशील पहल करते हुए डीएम ने राजकीय शिशु सदन (केदारपुरम) की दिवंगत संविदा कर्मचारी स्वर्गीय श्रीमती सुनिता सिंह की पुत्री को शिक्षा और भरण-पोषण के लिए 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा। इस मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि, “प्रशासन सदैव जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़ा है। भविष्य में भी ऐसी सहायता को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा।”
नारी निकेतन के लिए ‘ऑन-द-स्पॉट’ बजट स्वीकृत, नर्सों की तैनाती के निर्देश
बैठक में नारी निकेतन में रह रही मानसिक रूप से दिव्यांग महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के उपचार व देखभाल के लिए स्टाफ (केयरटेकर) की कमी का मुद्दा सामने आया। इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए डीएम सविन बंसल ने केयरटेकर पद हेतु मजदूरी मद में ‘जिला योजना’ से मौके पर ही बजट की स्वीकृति दे दी। इसके अलावा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपने स्तर से मानसिक चिकित्सालय व नारी निकेतन में नर्स स्टाफ की तत्काल व्यवस्था करें ताकि दिव्यांगजनों के इलाज में कोई कोताही न हो।

‘पीएम केयर्स चिल्ड्रन’ योजना के अनाथ बच्चों से किया सीधा संवाद
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कोरोना काल में अपने माता-पिता को खो चुके ‘पीएम केयर्स चिल्ड्रन योजना’ (PM CARES for Children) के लाभार्थी बच्चों से सीधा संवाद किया।
- डीएम ने आत्मीयता से बच्चों का हालचाल जाना और उनके साथ आए अभिभावकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं व सुझावों को गंभीरता से सुना।
- उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन बच्चों को योजना का लाभ समयबद्ध तरीके से मिले और इनकी शिक्षा, स्वास्थ्य तथा समग्र विकास (Overall Development) पर विशेष फोकस रखा जाए।
चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) और बालगृहों की स्थिति की हुई समीक्षा
बाल कल्याण और संरक्षण के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट ने बताया कि:
- वर्तमान में जनपद देहरादून में कुल 19 राजकीय और स्वैच्छिक बालगृह संचालित हैं, जिनमें कुल 275 बालक-बालिकाएं रह रहे हैं।
- राजकीय दिव्यांग बालिका गृह (जौलीग्रांट) और राजकीय खुला आश्रय गृह (साधु राम इंटर कॉलेज) का नया पंजीकरण भी कराया गया है।
- चाइल्ड हेल्पलाइन 1098: अक्टूबर 2023 से अब तक कुल 2041 मामले (पिछले तीन महीनों में 208) दर्ज किए गए हैं, जिन पर कार्रवाई की गई है।
- बाल कल्याण समिति: समिति के समक्ष पिछले तीन महीनों में 221 प्रकरण प्राप्त हुए हैं।
डीएम ने सभी संस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग और मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में इनकी रही मौजूदगी इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अभिनव शाह, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष/सदस्य नमिता मंमगाई, CMO डॉ. मनोज कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल सहित विभिन्न संस्थाओं (आसरा ट्रस्ट, सरफिना ट्रस्ट, समर्पण सोसाइटी) के प्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

