देहरादून महायोजना-2041 पर बढ़ा जनसंवाद, सेक्टर-02 की जनसुनवाई में नागरिकों ने रखे अहम सुझाव
देहरादून, 8 जुलाई 2026। राजधानी देहरादून के भविष्य के सुनियोजित विकास के लिए तैयार की जा रही देहरादून महायोजना-2041 को लेकर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) का जनसंवाद अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को सेक्टर-02 के लिए ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित जनसुनवाई कैंप में स्थानीय नागरिकों, भू-स्वामियों और अन्य हितधारकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
जनसुनवाई के दौरान लोगों ने महायोजना के विभिन्न प्रावधानों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं और भू-उपयोग, सड़क व्यवस्था, आवासीय एवं व्यावसायिक विकास, सार्वजनिक सुविधाओं और भविष्य की आवश्यकताओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव भी अधिकारियों के समक्ष रखे। एमडीडीए की टीम ने प्रत्येक सुझाव और आपत्ति का विधिवत अभिलेखीकरण किया।
हर सेक्टर की जरूरत को समझने की कोशिश
एमडीडीए का कहना है कि महायोजना-2041 केवल एक प्रशासनिक दस्तावेज नहीं, बल्कि देहरादून के आने वाले वर्षों के विकास की दिशा तय करने वाली व्यापक योजना है। इसी उद्देश्य से प्राधिकरण शहर के अलग-अलग सेक्टरों में जाकर सीधे नागरिकों से संवाद कर रहा है।
प्राधिकरण के अनुसार तेजी से बढ़ती आबादी, वाहनों का दबाव, बदलता भू-उपयोग, आवासीय क्षेत्रों का विस्तार, व्यावसायिक गतिविधियों में वृद्धि और पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए ऐसी महायोजना तैयार की जा रही है, जो विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित कर सके।
21 जुलाई तक चलेगा जनसुनवाई अभियान
एमडीडीए द्वारा 6 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक प्राधिकरण क्षेत्र के 12 सेक्टरों में जनसुनवाई कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। प्रत्येक सेक्टर के लिए अलग स्थान और तिथि निर्धारित की गई है, ताकि नागरिक अपने क्षेत्र से संबंधित मुद्दे सीधे अधिकारियों के समक्ष रख सकें।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का तकनीकी एवं विधिक परीक्षण किया जाएगा और व्यवहारिक सुझावों को महायोजना में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
अब सेक्टर-03 की बारी
एमडीडीए के अनुसार जनसुनवाई अभियान के अगले चरण में बुधवार को सेक्टर-03 के नागरिकों के लिए दून यूनिवर्सिटी कैंपस में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। स्थानीय नागरिक, भू-स्वामी और अन्य हितधारक वहां पहुंचकर महायोजना से संबंधित अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
क्या बोले एमडीडीए उपाध्यक्ष?
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना-2041 राजधानी के दीर्घकालिक विकास का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। प्रत्येक क्षेत्र की अपनी अलग चुनौतियां और आवश्यकताएं हैं, इसलिए नागरिकों से सीधा संवाद बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा, “प्राप्त प्रत्येक आपत्ति और सुझाव का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि ऐसी महायोजना तैयार हो जो विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करे।”
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने क्या कहा?
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि जनसुनवाई प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “सभी सुझावों और आपत्तियों का अभिलेखीकरण कर उनका तकनीकी एवं विधिक परीक्षण कराया जाएगा। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही देहरादून के बेहतर और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सकेगी।”

