देहरादून में नशे के नेटवर्क पर शिकंजा, दो नई ड्रग्स टेस्टिंग मशीनें खरीदेगा प्रशासन; 244 मुकदमे दर्ज
देहरादून, 9 अक्टूबर। युवाओं को नशे के जाल से बचाने और मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने का फैसला लिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक में नशे की मांग और आपूर्ति, दोनों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। ड्रग्स टेस्टिंग उपकरणों की कमी को देखते हुए जिलाधिकारी ने दो नई सलाइवा-बेस्ड टेस्टिंग मशीनों की खरीद के लिए मौके पर ही धनराशि स्वीकृत की।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थी नशा तस्करों के आसान निशाने पर होते हैं। उन्हें इस खतरे से बचाने के लिए सभी शिक्षण संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी देने के साथ ड्रग्स टेस्टिंग अभियान भी चलाया जाए। उन्होंने प्रत्येक शिक्षण संस्थान में हर महीने एक दिन निर्धारित कर छात्र-छात्राओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाने के निर्देश दिए।
नशामुक्ति केंद्रों और स्कूल-कॉलेजों का होगा निरीक्षण
डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को संबंधित थाना प्रभारियों के साथ अपने क्षेत्रों में नशामुक्ति केंद्रों, शिक्षण संस्थानों और आसपास की मलिन बस्तियों का निरीक्षण करने को कहा। नशे की गिरफ्त में आए लोगों से संवाद कर फीडबैक लिया जाएगा। उनसे मिलने वाले सुरागों के आधार पर नशा तस्करी के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि नशे की मांग कम करना भी जरूरी है। युवाओं को नशे के लिए प्रेरित करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि तस्करी के नेटवर्क को कमजोर किया जा सके।
अवैध भांग की खेती पर जिम्मेदारी होगी तय
जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भांग की अवैध खेती को नष्ट करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। कल्याणपुरी में भांग की खेती की शिकायत पर आबकारी विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर खेती नष्ट कराई। इस मामले में जिलाधिकारी ने संबंधित क्षेत्र के पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा।
डीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी क्षेत्र में भांग, अफीम, गांजा या चरस की अवैध खेती अथवा कारोबार मिलने पर संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
सितंबर में 147 ड्रग्स टेस्ट, सभी की रिपोर्ट निगेटिव
बैठक में बताया गया कि सितंबर में शिक्षण संस्थानों में रैंडम सैंपलिंग के तहत मेडिकल टीम ने 147 ड्रग्स टेस्ट किए। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। नशे के खिलाफ जागरूकता के लिए शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर हेल्पलाइन नंबर 1933 के पोस्टर और पंपलेट लगाए जा रहे हैं।
पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की टीमें एनडीपीएस एक्ट की जानकारी देने के साथ लोगों को नशे से दूर रहने की शपथ भी दिला रही हैं। सितंबर में एएनटीएफ ने 95 स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया।
सितंबर तक एनडीपीएस एक्ट में 244 मुकदमे
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सितंबर 2026 तक जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत 244 मुकदमे दर्ज किए गए और 281 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वाणिज्यिक मात्रा से जुड़े 15 मामलों में 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी के दौरान आठ संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए, जबकि एक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त किया गया। बैठक में यह भी बताया गया कि सभी मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.के. शर्मा, सीओ सदर अंकित भंडारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, ड्रग्स इंस्पेक्टर विनोद जगूड़ी और जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती सहित समिति के अन्य सदस्य वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।


