उत्तराखंड- चकराता को अलग जिला बनाने की मांग, स्वाभिमान मोर्चा ने उठाई आवाज
देहरादून। स्वाभिमान मोर्चा ने चकराता को अलग जिला बनाने की मांग एक बार फिर जोर-शोर से उठाई है। देहरादून में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पवार ने कहा कि चकराता भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत दुर्गम क्षेत्र है और वर्तमान में देहरादून मुख्यालय से इसका प्रभावी प्रशासनिक संचालन संभव नहीं हो पा रहा है।
बॉबी पवार ने कहा कि दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान केवल कार्यालयों में बैठकर नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय परिस्थितियों को समझने और जनता को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन का स्थानीय स्तर पर मजबूत होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि चकराता क्षेत्र के लोगों को कई प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय कर देहरादून आना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों दोनों की हानि होती है। यदि चकराता को अलग जिला बनाया जाता है तो लोगों को प्रशासनिक सेवाएं उनके नजदीक उपलब्ध हो सकेंगी और विकास कार्यों में भी तेजी आएगी।
स्वाभिमान मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि चकराता को जिला बनाने की मांग संगठन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और जनता की जरूरतों को देखते हुए सरकार को इस मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
बॉबी पवार ने कहा कि अलग जिला बनने से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा और क्षेत्र के लोगों को त्वरित एवं प्रभावी सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे को लेकर भविष्य में भी लगातार आवाज उठाई जाएगी।

