दिल्ली: भाजपा के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल समेत 6 नेता कांग्रेस में शामिल
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और नेताओं के दल-बदल का दौर भी शुरू हो गया है। इसी क्रम में रुद्रपुर विधानसभा से दो बार विधायक रहे राजकुमार ठुकराल सहित भाजपा के छह नेताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। सभी नेताओं को कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता दिलाई गई।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस दल-बदल को राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस इसे आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देख रही है।
राजकुमार ठुकराल भाजपा के टिकट पर वर्ष 2012 और 2017 में रुद्रपुर से विधायक रह चुके हैं और क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था, जिसके बाद उन्हें भाजपा से निष्कासित कर दिया गया था। इससे पहले वह नगर पालिका अध्यक्ष भी रह चुके हैं और लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं। उनके कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाएं काफी समय से चल रही थीं, जो अब साकार हो गई हैं।
इसके अलावा रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। हरिद्वार जिले में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है, जिससे कांग्रेस को धर्मनगरी क्षेत्र में राजनीतिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सितारगंज से दो बार बहुजन समाज पार्टी के विधायक रहे नारायण पाल ने भी कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। वह वर्ष 2007 और 2012 में विधायक रहे हैं, जबकि 2022 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
घनसाली से 2012 और 2017 में भाजपा के विधायक रहे भीमलाल आर्य भी कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। हालांकि, वह पहले से ही कांग्रेस के प्रति झुकाव रखते थे और 2016 के बाद से पार्टी का समर्थन कर रहे थे।
भीमताल क्षेत्र से जुड़े लखन सिंह, जो ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं, उन्होंने अपनी पत्नी के साथ कांग्रेस की सदस्यता ली। वर्तमान में उनकी पत्नी जिला परिषद सदस्य हैं। वहीं, मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने भी कांग्रेस जॉइन कर ली है।
इन सभी नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने से पार्टी को विभिन्न क्षेत्रों में संगठनात्मक मजबूती मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि कांग्रेस इन नेताओं के प्रभाव का लाभ उठाकर कई विधानसभा सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी।
चुनाव से पहले इस तरह के राजनीतिक घटनाक्रमों ने प्रदेश की राजनीति को और गरमा दिया है और आने वाले समय में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

