देहरादून: अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, कई निर्माण स्थल सील, सघन अभियान जारी
देहरादून। राजधानी में तेजी से बढ़ रहे अनियंत्रित और अवैध निर्माणों पर रोक लगाने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने मंगलवार को सख्त रुख अपनाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक कार्रवाई की। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने नियमित निगरानी, प्राप्त शिकायतों और उच्चाधिकारियों के निर्देशों के तहत अभियान चलाकर बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे कई निर्माण कार्यों को चिन्हित किया और तत्काल प्रभाव से उन्हें सील कर दिया।
आजाद कॉलोनी और कारगी चौक में कार्रवाई
एमडीडीए की टीम ने आजाद कॉलोनी के साना मस्जिद क्षेत्र में युनुस द्वारा किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण को निरीक्षण के दौरान पकड़ा। जांच में स्पष्ट हुआ कि निर्माण कार्य बिना मानचित्र स्वीकृति और आवश्यक अनुमति के किया जा रहा था, जो प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन है। मौके पर पहुंची टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए निर्माण स्थल को सील कर दिया।
इसी क्रम में कारगी चौक स्थित कलिंगा विहार क्षेत्र में भी कार्रवाई की गई। यहां संजय बमोला द्वारा किए जा रहे निर्माण में आवश्यक दस्तावेजों का अभाव पाया गया। नियमों की अनदेखी को देखते हुए प्राधिकरण ने इसे अवैध घोषित करते हुए स्थल को सील कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, दोनों मामलों में संबंधित निर्माणकर्ताओं को पहले ही नियमों की जानकारी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया।
पछवादून क्षेत्र में सघन निरीक्षण अभियान
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर पछवादून क्षेत्र के सेक्टर-12 में संयुक्त निरीक्षण एवं सघन चेकिंग अभियान भी चलाया गया। इस दौरान प्रवर्तन टीम ने विभिन्न निर्माण स्थलों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए निर्माणकर्ताओं से मानचित्र स्वीकृति, नक्शा पास होने से संबंधित दस्तावेज और अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच की।
अभियान के दौरान कुल 14 निर्माण कार्यों की जांच की गई, जिनमें आवासीय और व्यावसायिक दोनों प्रकार के भवन शामिल थे। निरीक्षण में कई मामलों में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके या संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ऐसे मामलों को चिन्हित कर आगे की कार्रवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। वहीं एक स्थान पर चल रही अवैध प्लाटिंग को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया गया।
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सख्ती
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति सख्ती से लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि देहरादून के सुनियोजित और व्यवस्थित विकास के लिए यह आवश्यक है कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और स्वीकृत नक्शों के अनुसार ही किए जाएं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बिना अनुमति या नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे निर्माण न केवल अवैध हैं, बल्कि भविष्य में शहर की अव्यवस्था का कारण भी बनते हैं। ऐसे मामलों में सीलिंग के साथ-साथ ध्वस्तीकरण जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने प्रवर्तन टीम को नियमित निगरानी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए आम नागरिकों से भी नियमों का पालन करने की अपील की।
लगातार जारी रहेगा अभियान
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित रूप से निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। जहां भी अवैध निर्माण की शिकायत मिलती है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को की गई सीलिंग कार्रवाई इसी निरंतर अभियान का हिस्सा है।
उन्होंने आगे बताया कि जिन निर्माणकर्ताओं द्वारा निरीक्षण के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण का लक्ष्य शहर में अवैध निर्माणों पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करना है और इसके लिए अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

