भराड़ीसैंण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अग्निवीर कैडेट्स से किया संवाद, सैनिकों के योगदान को बताया प्रेरणादायक
देहरादून/भराड़ीसैंण। पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण में अग्निवीर कैडेट्स के साथ संवाद कार्यक्रम में भाग लेते हुए युवाओं के साथ खुलकर बातचीत की। इस दौरान कैडेट्स ने मुख्यमंत्री से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका उन्होंने सहजता और विस्तार से उत्तर दिया। संवाद कार्यक्रम में युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
संवाद के दौरान अग्निवीर कैडेट शंकर सिंह राणा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि सैनिक पुत्र होने के कारण उन्होंने सैनिकों के जीवन और गतिविधियों को नजदीक से देखा है, तो क्या उनका मन कभी सेना में जाने का नहीं हुआ। इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सेना में जाना अन्य सेवाओं की तुलना में अत्यंत सम्मानजनक माना जाता है। उन्होंने कहा कि वे अपने जीवन को भी एक सैनिक की तरह अनुशासित और समर्पित मानकर कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि अपने पिता के साथ रहते हुए उन्होंने सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को करीब से देखा है और उसी भावना के साथ वे प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में उत्तराखण्ड की जनता की सेवा करने का प्रयास करते हैं।
संवाद कार्यक्रम में अग्निवीर कैडेट हिमांशु रौतेला ने मुख्यमंत्री से पूछा कि प्रदेश के मुखिया होने के नाते वे अपने परिवार को कैसे समय दे पाते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक जीवन में सक्रिय रहने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारियां काफी बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में उत्तराखण्ड के सभी लोग उनका परिवार हैं और प्रदेश का हर गांव उनका अपना गांव है।
इसी क्रम में अग्निवीर कैडेट ओ.पी. कण्डारी ने सवाल किया कि जब अग्निवीर अपनी सेवा अवधि पूरी कर वापस आएंगे, तो उनके रोजगार के लिए सरकार क्या व्यवस्था कर रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्दीधारी पदों पर अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की है। इसके अलावा केंद्र सरकार भी विभिन्न क्षेत्रों में अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि हर अग्निवीर के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
संवाद के दौरान अग्निवीर कैडेट अमन सेमवाल ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उनके चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहने का क्या राज है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें कार्य करने की ऊर्जा और प्रेरणा प्रदेश की जनता के आशीर्वाद से मिलती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदेश के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है और आज उत्तराखण्ड कई क्षेत्रों में देश में अग्रणी स्थान पर है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे सैनिक सीमांत और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अत्यंत कठिन परिस्थितियों में देश की सेवा करते हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की विशेषता यह है कि यहां लगभग हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना या अर्द्धसैनिक बलों में सेवाएं दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हितों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। उन्होंने बताया कि देहरादून में एक भव्य सैन्यधाम का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें राज्य के वीर बलिदानियों की गौरवगाथाओं और स्मृतियों को संजोया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे पूर्व सैनिकों को अपने अभिभावक के रूप में देखते हैं और उनके अनुभवों को राज्य के लिए मार्गदर्शक मानते हैं।
इस अवसर पर अजय कोठियाल, संस्थापक यूथ फाउंडेशन, पूर्व सैनिकों तथा बड़ी संख्या में अग्निवीर कैडेट्स भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने मुख्यमंत्री के साथ संवाद को प्रेरणादायक बताया और अपने अनुभव साझा किए।

