सीमावर्ती क्षेत्रों के किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ, ITBP स्थानीय उत्पाद भी खरीदेगा
उत्तराखंड सरकार और ITBP के बीच जल्द होगा नया एमओयू
उत्तराखंड के सीमावर्ती और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले किसानों व पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) द्वारा स्थानीय उत्पादों की खरीद को लेकर उत्तराखंड सरकार के साथ किया गया समझौता अब बेहतर परिणाम देने लगा है।
30 अक्टूबर 2024 को उत्तराखंड सरकार और ITBP के बीच स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति को लेकर एमओयू साइन किया गया था। इसके तहत जीवित बकरी, भेड़, मुर्गा, हिमालयन ट्राउट मछली सहित दुग्ध उत्पादों की आपूर्ति शुरू की गई, जिससे स्थानीय किसानों और सहकारी संस्थाओं को सीधा लाभ मिला है।
अब तक करीब 12 करोड़ रुपये की खरीद
आईटीबीपी द्वारा अब तक करीब 11.94 करोड़ रुपये की स्थानीय उत्पादों की खरीद की जा चुकी है। अक्टूबर 2024 से यह आपूर्ति 25 प्रतिशत ट्रायल आधार पर शुरू की गई थी, जिसे मार्च 2025 से शत-प्रतिशत कर दिया गया।
अब तक लगभग 3,79,650 किलोग्राम नॉनवेज उत्पाद और 3,25,318 लीटर दुग्ध उत्पाद खरीदे जा चुके हैं। यह खरीद राज्य की सहकारी समितियों के माध्यम से की गई है।
2026 में 26 करोड़ से अधिक की खरीद प्रस्तावित
साल 2026 में ITBP द्वारा उत्तराखंड से बड़े पैमाने पर स्थानीय उत्पादों की खरीद प्रस्तावित है। इसके तहत—
- करीब 400,000 किलो भेड़/बकरी (लगभग 13 करोड़ रुपये)
- 250,000 किलो मुर्गा (करीब 4 करोड़ रुपये)
- 82,000 किलो हिमालयन ट्राउट मछली (करीब 3.90 करोड़ रुपये)
- 21,302 किलो पनीर, 4,73,532 लीटर दूध और 1,40,018 लीटर अन्य दुग्ध उत्पाद खरीदे जाएंगे
कुल मिलाकर ITBP वर्ष 2026 में लगभग 26.49 करोड़ रुपये की खरीद करेगा।
फल और सब्जियों की खरीद के लिए भी होगा एमओयू
ITBP ने अब उत्तराखंड से स्थानीय फल और सब्जियों की खरीद का भी निर्णय लिया है। इसके लिए जल्द ही नया एमओयू साइन किया जाएगा। इस समझौते के बाद—
- 9,85,391 किलो सब्जियां (2.77 करोड़ रुपये)
- 6,20,228 किलो फल (3.50 करोड़ रुपये)
कुल लगभग 16 लाख किलोग्राम उत्पादों की खरीद की जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत 6.27 करोड़ रुपये होगी।
चीनी और पशु चिकित्सा सेवाओं पर भी सहमति
राज्य की सहकारी चीनी मिलों से चीनी की खरीद को लेकर भी प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके साथ ही दुर्गम क्षेत्रों में पशुपालकों को राहत देने के लिए ITBP और पशुपालन विभाग के बीच एक और एमओयू किया गया है।
सीमावर्ती गांवों में मिलेगी पशु चिकित्सा सुविधा
इस समझौते के तहत पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी के 108 सीमावर्ती गांवों में ITBP के पशु चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा प्राथमिक पशु चिकित्सा, टेली-मेडिसिन और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
हर पशु के लिए वेटरनरी हेल्थ कार्ड तैयार किया जाएगा, जिसमें टीकाकरण और दवाओं का पूरा विवरण होगा। यह एमओयू प्रारंभिक तौर पर दो वर्षों के लिए लागू होगा और इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी।
पशुपालकों को मिलेगा स्थायी सहारा
पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले पशुपालक कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं। ITBP के साथ यह साझेदारी न केवल उनकी आय बढ़ाएगी, बल्कि पशुपालन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में भी मददगार साबित होगी।

