मसूरी में मजार को लेकर बवाल, बजरंग दल का विरोध प्रदर्शन, पुलिस-प्रशासन ने संभाली स्थिति
मसूरी शहर में शुक्रवार, 16 जनवरी को एक मजार को लेकर विवाद गहराता नजर आया, जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने टिहरी बाइपास क्षेत्र में जमकर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस-प्रशासन और मसूरी नगर पालिका की टीम को मौके पर पहुंचना पड़ा। कुछ समय के लिए इलाके में तनाव का माहौल बन गया, हालांकि प्रशासन की सूझबूझ से हालात पर काबू पा लिया गया।
जानकारी के अनुसार, टिहरी बाइपास पर स्थित एक निजी स्कूल की भूमि पर बनी बाबा बुल्ले शाह की मजार और उसके आसपास कथित रूप से बनी अन्य मजारों को लेकर बजरंग दल ने आपत्ति जताई। संगठन के कार्यकर्ता मजार परिसर में पहुंचे और नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि पहले इस स्थान पर केवल एक ही मजार थी, लेकिन समय के साथ वहां कई और मजारें बना दी गईं, जो उनके अनुसार एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।
विवाद की सूचना मिलते ही मसूरी प्रशासन, पुलिस बल और नगर पालिका की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। पुलिस ने किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया।
इस दौरान मसूरी बजरंग दल के नगर मंत्री अनिल परवाह ने कहा कि यदि निजी स्कूल प्रबंधन द्वारा मजार के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा सकती है, तो उसी स्थान पर हनुमान मंदिर या माता के मंदिर के निर्माण की भी अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि धार्मिक संतुलन बनाए रखना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
बजरंग दल ने प्रशासन को चेतावनी भी दी कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन अपने स्तर पर मजारों को हटाने की कार्रवाई करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और जिला प्रशासन की होगी।
फिलहाल पुलिस-प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए निगरानी जारी है।

