BPL से पहले दुखद हादसा: मैदान पर दिल का दौरा पड़ने से ढाका कैपिटल्स के असिस्टेंट कोच महबूब अली जकी का निधन
बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) के आगाज़ से पहले क्रिकेट जगत को एक बड़ा झटका लगा है। ढाका कैपिटल्स के असिस्टेंट कोच महबूब अली जकी का शनिवार, 27 दिसंबर को मैच से पहले अभ्यास सत्र के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनके अचानक निधन से क्रिकेट समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के मुताबिक, 59 वर्षीय महबूब अली जकी जब खिलाड़ियों के साथ मैदान पर अभ्यास कर रहे थे, तभी वह अचानक गिर पड़े। मौके पर मौजूद टीम स्टाफ और मेडिकल कर्मियों ने तुरंत उन्हें सीपीआर (CPR) दिया। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस के जरिए अल हरमैन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मैच के दौरान रखा गया एक मिनट का मौन
इस दुखद घटना के बावजूद लीग का मुकाबला तय कार्यक्रम के अनुसार खेला गया। हालांकि खिलाड़ियों, कोचों और मैच अधिकारियों ने इनिंग ब्रेक के दौरान एक मिनट का मौन रखकर महबूब अली जकी को श्रद्धांजलि दी।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने जताया शोक
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर महबूब अली जकी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। बोर्ड ने कहा,
“बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड, बीसीबी गेम डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के स्पेशलिस्ट पेस बॉलिंग कोच और बीपीएल 2026 में ढाका कैपिटल्स के असिस्टेंट कोच महबूब अली जकी (59) के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करता है।”
बीसीबी ने बताया कि उनका निधन 27 दिसंबर 2025 को दोपहर लगभग 1 बजे सिलहट में हुआ। बोर्ड ने तेज गेंदबाजी और बांग्लादेश क्रिकेट के विकास में उनके अमूल्य योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पहले कोई स्वास्थ्य शिकायत नहीं
टीम अधिकारियों के अनुसार, घटना से पहले महबूब अली जकी ने किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या की शिकायत नहीं की थी। मैदान पर उनके अचानक गिरने से वहां मौजूद सभी लोग स्तब्ध रह गए।
शाकिब अल हसन का भावुक संदेश
इस दुखद घटना के बाद क्रिकेट जगत से लगातार श्रद्धांजलि संदेश आ रहे हैं। बांग्लादेश के स्टार ऑलराउंडर शाकिब अल हसन ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए लिखा,
“कोच महबूब अली जकी के निधन की खबर से मैं बेहद दुखी और स्तब्ध हूं।”
शाकिब ने आगे कहा,
“मैं उन्हें अपने करियर के शुरुआती दिनों से जानता हूं। उनके आखिरी पल उसी क्रिकेट मैदान पर बीते, जहां उन्होंने अपना जीवन समर्पित किया। उनके परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।”
महबूब अली जकी का जाना बांग्लादेश क्रिकेट के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

