आपदाएं ‘मैन-मेड डिजास्टर’, अवैध खनन पर केंद्रीय मंत्री की सख्त टिप्पणी – बोले, ‘ये न भूलें कि किसी दिन हमारा अपना परिवार भी उसी पुल से गुजरेगा’
केंद्रीय मंत्री ने देशभर में बढ़ रही आपदाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज जिन दुर्घटनाओं को प्राकृतिक आपदा कहा जा रहा है, उनमें अधिकांश मानव-जनित यानी मैन-मेड डिजास्टर हैं। मंत्री ने खास तौर पर अवैध खनन, गलत निर्माण और नियमों की अनदेखी को इन दुर्घटनाओं की मुख्य वजह बताया।
मंत्री ने कहा कि कुछ लोग निजी स्वार्थ में अवैध खनन और गलत तरीकों से निर्माण कर पर्यावरण और सार्वजनिक सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा—
“अवैध खनन करने वाले और गलत निर्माण में शामिल लोग यह न भूलें कि हम सब इसी समाज का हिस्सा हैं। किसी दिन हमारा अपना परिवार, हमारा बच्चा, हमारा कोई प्रियजन भी उसी पुल, उसी सड़क या उसी इमारत से गुजर सकता है। इसलिए नियमों को दरकिनार कर किए जा रहे काम सिर्फ दूसरों के लिए नहीं, हमारे लिए भी खतरा हैं।”
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है, लेकिन जब तक जिम्मेदार नागरिक और निर्माण से जुड़े लोग स्वयं ईमानदारी नहीं दिखाएंगे, तब तक आपदाओं पर पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध खनन और निर्माण कार्यों की कड़ी निगरानी की जाए और नियमों के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई हो। साथ ही लोगों से अपील की कि वे विकास के नाम पर प्रकृति के साथ खिलवाड़ न करें, क्योंकि इसका परिणाम अंततः जान-माल की भारी हानि के रूप में सामने आता है।

