देहरादून- ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज ने रचा इतिहास, MBBS की सीटें बढ़कर हुईं 250
देहरादून, 6 अगस्त। ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नया इतिहास रचते हुए एमबीबीएस की सीटों की संख्या 250 कर ली है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने संस्थान को सीटें बढ़ाने की मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके साथ ही ग्राफिक एरा उत्तराखंड का पहला मेडिकल कॉलेज बन गया है, जिसे तीसरे ही बैच में 250 एमबीबीएस सीटों की स्वीकृति मिली है।
इस स्वीकृति के बाद शैक्षणिक सत्र 2026-27 में सेंट्रल काउंसलिंग के माध्यम से 250 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी। संस्थान ने इसे उत्तराखंड की चिकित्सा शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
विश्वस्तरीय सुविधाओं के आधार पर मिली मंजूरी
ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने कम समय में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। आधुनिक शिक्षण प्रणाली, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, हाई-टेक चिकित्सा उपकरण, अनुभवी फैकल्टी और बहु-विशेषता अस्पताल में उपलब्ध उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के आधार पर संस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी गुणवत्ता साबित की है।
इन्हीं उच्च मानकों और संस्थागत व्यवस्थाओं को देखते हुए नेशनल मेडिकल कमीशन ने मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की संख्या 250 करने की अनुमति दी है।
कई उपलब्धियों से बनाई राष्ट्रीय पहचान
ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज ने चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। संस्थान ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में पहली बार पांच वर्षीय बच्चे का POEM तकनीक से सफल उपचार किया। बिना ओपन सर्जरी के 50 मरीजों की अवरुद्ध आहार नली का POEM तकनीक से सफल इलाज भी किया गया।
इसके अलावा उत्तराखंड और आसपास के राज्यों में पहली बार TEER तकनीक के माध्यम से बिना ओपन हार्ट सर्जरी के हृदय का वाल्व बदलने में सफलता प्राप्त की गई। समय से पहले जन्मे दो नवजात शिशुओं की आंखों की रोशनी बचाने में भी संस्थान ने सफलता हासिल की।
ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज देश का पहला मेडिकल कॉलेज भी बना, जिसे NABH के छठे संस्करण के 600 से अधिक गुणवत्ता मानकों की मान्यता प्राप्त हुई।
डॉ. कमल घनशाला बोले- केवल डॉक्टर नहीं, संवेदनशील चिकित्सक तैयार करना लक्ष्य
ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने इस उपलब्धि पर मेडिकल कॉलेज की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ग्राफिक एरा में छात्रों को वैश्विक स्तर की चिकित्सा शिक्षा, नवीनतम तकनीकों और विशेषज्ञ चिकित्सकों के मार्गदर्शन में सीखने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल डॉक्टर तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे चिकित्सक तैयार करना है जो ज्ञान, तकनीक और सेवा-भाव के साथ समाज की बेहतर सेवा कर सकें। उन्होंने कहा कि यही सच्ची मानव सेवा है और ग्राफिक एरा इसी दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।
केक काटकर मनाया जश्न
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज परिसर में उत्साह का माहौल रहा। पदाधिकारियों, चिकित्सकों, शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने केक काटकर इस सफलता का जश्न मनाया।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. नरेश कुमार शर्मा, डीन डॉ. अर्चना ठाकुर, डायरेक्टर डॉ. पुनीत त्यागी, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. एन.के. मोहिन्द्रू, डायरेक्टर इन्फ्रास्ट्रक्चर डॉ. सुभाष गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, चिकित्सक, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

