ग्राफिक एरा स्कूल ऑफ लॉ का इंडक्शन प्रोग्राम शुरू, पूर्व रजिस्ट्रार जनरल वी.के. महेश्वरी ने दिए सफलता के मंत्र
‘सीखने की जिज्ञासा ही बनाती है सफल विधि विशेषज्ञ’, नए छात्रों को कानून की पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व विकास पर दिया जोर
देहरादून, 4 अगस्त: ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ में नए शैक्षणिक सत्र के लिए इंडक्शन प्रोग्राम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में उत्तराखंड हाई कोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार जनरल वी.के. महेश्वरी ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विधि का क्षेत्र ऐसा पेशा है, जहां सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती। उन्होंने कहा कि एक सफल विधि विशेषज्ञ वही बनता है, जो हर अनुभव, संवाद और अवसर से कुछ नया सीखने की जिज्ञासा बनाए रखता है।
उन्होंने छात्र-छात्राओं को सलाह दी कि वे अपनी पढ़ाई को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित न रखें, बल्कि विचार-विमर्श, तर्कपूर्ण चर्चाओं और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करें। इससे न केवल उनका कानूनी ज्ञान बढ़ेगा, बल्कि व्यक्तित्व का भी समग्र विकास होगा।
कार्यक्रम में गढ़वाल मंडल के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के उप आयुक्त राजेंद्र रावत ने कहा कि विधि के क्षेत्र में युवाओं के लिए असीमित अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कानून की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकते हैं, यदि वे मेहनत, ईमानदारी और समर्पण के साथ आगे बढ़ें।
सेवानिवृत्त कर्नल भास्कर भारती ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारियों के महत्व पर प्रकाश डाला।
इंडक्शन प्रोग्राम के दौरान नए छात्र-छात्राओं में कानून की दुनिया में पहला कदम रखने का उत्साह देखने को मिला। प्रारंभिक झिझक के बावजूद विद्यार्थियों ने आइस-ब्रेकिंग और इंटरैक्टिव गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने एक-दूसरे से परिचय किया, नए मित्र बनाए और फैकल्टी सदस्यों के साथ खुलकर संवाद किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मूट कोर्ट, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं, कानूनी अध्ययन की प्रक्रिया तथा विधि शिक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। साथ ही न्याय, तर्क और नेतृत्व पर आधारित उनके शैक्षणिक सफर की शुरुआत भी कराई गई।
इस अवसर पर स्कूल ऑफ लॉ के विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष हजेला, डॉ. शैलजा ठाकुर सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

