देहरादून- एमडीडीए में शुरू होगा ‘समाधान दिवस’, अब हर महीने दो बार सीधे अधिकारियों के सामने रख सकेंगे अपनी शिकायत
देहरादून, 1 अगस्त 2026: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने आम नागरिकों की शिकायतों और सुझावों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए “समाधान दिवस” की शुरुआत की है। अब प्रत्येक माह के प्रथम और अंतिम सोमवार को एमडीडीए मुख्यालय में समाधान दिवस आयोजित किया जाएगा, जहां नागरिक सीधे अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं और सुझाव प्रस्तुत कर सकेंगे। प्राधिकरण का कहना है कि प्राप्त प्रत्येक शिकायत का नियमानुसार परीक्षण कर उसका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल विकास कार्यों को गति देना नहीं, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच संवाद को भी मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रभावी मंच देगा, जिससे शिकायतों का निस्तारण अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध तरीके से हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सुशासन और जनसरोकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए एमडीडीए ने यह व्यवस्था लागू की है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आमजन से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा की जाएगी।
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि समाधान दिवस प्रत्येक माह के प्रथम एवं अंतिम सोमवार को प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक प्राधिकरण मुख्यालय, देहरादून में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्राप्त सभी शिकायतों और सुझावों का संबंधित विभागों के माध्यम से नियमानुसार परीक्षण कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि समाधान दिवस के दौरान प्राप्त प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाएगा और प्रत्येक मामले की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
एमडीडीए के अनुसार, लंबे समय से नागरिक भवन मानचित्र स्वीकृति, अवैध निर्माण, भूमि संबंधी विवाद, विकास कार्यों और अन्य प्रशासनिक मामलों को लेकर शिकायतें करते रहे हैं। अब समाधान दिवस के माध्यम से लोगों को एक निश्चित मंच और निर्धारित समय मिलेगा, जहां उनकी समस्याओं को सीधे सुना जाएगा और उनके समाधान की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे समाधान दिवस का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और निर्धारित तिथि एवं समय पर अपनी शिकायतें और सुझाव प्रस्तुत करें। एमडीडीए का मानना है कि यह पहल जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ सुशासन और पारदर्शी प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

