देहरादून में भारी बारिश के बीच ग्राउंड जीरो पर उतरे डीएम, नंदा चौकी पुल और मसूरी रोड का किया निरीक्षण
देहरादून: जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान मंगलवार सुबह स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और बारिश से प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे और सभी क्षतिग्रस्त सड़कों एवं मार्गों को जल्द से जल्द यातायात के लिए बहाल किया जाए।
नंदा चौकी पुल की क्षतिग्रस्त लेन जल्द बहाल करने के निर्देश
सुबह नंदा चौकी स्थित पुल की एप्रोच लेन क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को तीन घंटे के भीतर मरम्मत कार्य शुरू कर यातायात सुचारु करने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी के निर्देश के बाद पीडब्ल्यूडी ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कर दिया और क्षतिग्रस्त लेन को जल्द बहाल करने का कार्य तेज कर दिया गया।
मसूरी के पानीवाला बैंड में 15 दिन में दो लेन सड़क बनाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने मसूरी रोड स्थित पानीवाला बैंड के समीप हाल ही में बने नए लैंडस्लाइड जोन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि 15 दिनों के भीतर सड़क पर दो लेन यातायात पूरी तरह बहाल किया जाए।
विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि 10 से 15 दिनों में दो लेन यातायात शुरू कर दिया जाएगा, जबकि सुरक्षा के लिए बनाए जाने वाले पुश्ते (रिटेनिंग स्ट्रक्चर) का निर्माण लगभग दो माह में पूरा कर लिया जाएगा।
सौड़ा-सरौली और थानों मार्ग का भी लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान डीएम ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत सौड़ा-सरौली मार्ग का भी निरीक्षण किया। बारिश से क्षतिग्रस्त सड़क को जल्द खोलने के निर्देश दिए गए। वहीं मलबा आने से बाधित थानों मार्ग को प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बाद पुनः यातायात के लिए खोल दिया गया।
मालदेवता में स्थायी समाधान के लिए पुल निर्माण का प्रस्ताव
मालदेवता क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने हर वर्ष बरसात में रपटे पर यातायात बाधित होने की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने पर जोर दिया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि संबंधित स्थान पर पुल निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र शासन को भेजा जाए, ताकि भविष्य में लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।
सभी अधिकारी 24 घंटे अलर्ट रहें
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने निर्देश दिए कि जनपद में जहां-जहां वर्षा के कारण सड़कें और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल बहाल किया जाए। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों, आईआरएस प्रणाली से जुड़े विभागों और अन्य संबंधित अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहकर किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान जनसुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए किसी भी आपदा या मार्ग अवरोध की सूचना पर तत्काल राहत एवं पुनर्बहाली कार्य करें।
निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान रायपुर क्षेत्र में स्थानीय विधायक उमेश शर्मा काऊ, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, तहसीलदार सदर सुरेन्द्र देव तथा लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता भृगुनाथ द्विवेदी उपस्थित रहे। वहीं मसूरी रोड स्थित पानीवाला बैंड क्षेत्र में संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी प्रदीप शाही सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

