देहरादून- धामी सरकार की वैश्विक रोजगार योजना से 123 युवाओं को मिला विदेश में रोजगार
देहरादून, 2 जुलाई। उत्तराखंड सरकार की ‘मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना’ प्रदेश के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय रोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत वर्ष 2023 से अब तक 123 युवाओं का विदेशों में सफल प्लेसमेंट कराया जा चुका है। योजना का उद्देश्य युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देकर वैश्विक रोजगार बाजार के लिए तैयार करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
चार देशों में मिला रोजगार
कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अनुसार योजना के तहत अब तक 30 युवाओं को सऊदी अरब, 65 युवाओं को जापान और एक युवती को जर्मनी में रोजगार मिला है। इसके अलावा हाल ही में 27 युवाओं का संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हॉस्पिटैलिटी और होटल मैनेजमेंट क्षेत्र के लिए चयन हुआ है। इन अभ्यर्थियों की वीजा और दस्तावेज़ीकरण प्रक्रिया जारी है।
विदेशी भाषा प्रशिक्षण पर विशेष जोर
विदेशी रोजगार के लिए युवाओं को तैयार करने के उद्देश्य से सेवायोजन कार्यालय परिसर में प्रतिदिन जर्मन भाषा की तीन और जापानी भाषा की दो कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा बागेश्वर में जापानी तथा अल्मोड़ा में जर्मन भाषा की ऑनलाइन कक्षाएं भी चलाई जा रही हैं। प्रत्येक बैच में 20 से 30 प्रशिक्षार्थियों को आठ महीने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सरकार दे रही आर्थिक सहायता
आठ महीने के भाषा प्रशिक्षण की कुल फीस 64 हजार रुपये है, जिसमें राज्य सरकार 20 प्रतिशत शुल्क का अनुदान देती है। यदि कोई अभ्यर्थी प्रशिक्षण के लिए ऋण लेता है तो उस पर देय 75 प्रतिशत ब्याज का वहन भी सरकार करती है। आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए जर्मन भाषा प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया गया है।
निःशुल्क आवास और भोजन की सुविधा
प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं को सहसपुर स्थित छात्रावास में प्रतिदिन 220 रुपये की दर से निःशुल्क आवास एवं भोजन की सुविधा भी दी जा रही है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को नर्सिंग, हेल्थकेयर, एल्डरली केयर, हॉस्पिटैलिटी, कंस्ट्रक्शन और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रशिक्षार्थियों ने जताया आभार
उधम सिंह नगर की प्रशिक्षार्थी रुचिका अधिकारी ने बताया कि वह पिछले तीन महीने से जापानी भाषा का प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क आवास और भोजन की सुविधा से प्रशिक्षण प्राप्त करना काफी आसान हो गया है।
विभाग का लक्ष्य बढ़ाना है वैश्विक रोजगार
क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ममता चौहान नेगी ने बताया कि मुख्यमंत्री की इस योजना के माध्यम से अब तक 100 से अधिक युवाओं को विदेशों में रोजगार मिल चुका है और नर्सिंग, हेल्थकेयर तथा कृषि जैसे क्षेत्रों में भी अंतरराष्ट्रीय अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।
उपनिदेशक सेवायोजन चंद्रकांता ने कहा कि विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देकर वैश्विक रोजगार से जोड़ना है। इसके लिए विभिन्न देशों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण और प्लेसमेंट की प्रक्रिया लगातार जारी है।
जर्मनी में ₹3.30 लाख मासिक वेतन पर नौकरी बनी प्रेरणा
योजना के तहत जर्मन भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त कर सपना राणा का जर्मनी में नर्स के पद पर 3.30 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन पर चयन हुआ है। सपना ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उचित मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के कारण उनका विदेश में नौकरी करने का सपना पूरा हुआ। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है।

