केदारनाथ यात्रा के बीच सीतापुर पार्किंग पर विवाद, ‘अस्थायी होटल’ बनाने के आरोप से भड़के व्यापारी
रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध Kedarnath Temple यात्रा सीजन के दौरान सीतापुर पार्किंग को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। यात्रियों की सुविधा के नाम पर पार्किंग स्थल को कथित तौर पर अस्थायी होटल की तरह संचालित किए जाने के आरोपों ने स्थानीय होटल कारोबारियों और व्यापारियों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। व्यापारियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 28 मई से उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
पार्किंग स्थल में यात्रियों को ठहराने के आरोप
स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि सीतापुर स्थित वाहन पार्किंग परिसर में गद्दे और रजाइयां बिछाकर यात्रियों को रातभर ठहराया जा रहा है। इतना ही नहीं, यात्रियों से प्रति व्यक्ति शुल्क भी वसूला जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि पार्किंग स्थल को नियमों के विपरीत व्यावसायिक सराय की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे होटल, लॉज और गेस्ट हाउस कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है।
यात्रा सीजन में कारोबार प्रभावित
इन दिनों केदारनाथ यात्रा अपने चरम पर है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंच रहे हैं। ऐसे समय में स्थानीय होटल व्यवसायियों को उम्मीद थी कि यात्रा सीजन से कारोबार को गति मिलेगी, लेकिन पार्किंग स्थल पर यात्रियों को ठहराने की व्यवस्था से उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो छोटे होटल संचालकों और स्थानीय कारोबारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।
व्यापारियों ने किया जोरदार विरोध
मामले को लेकर होटल कारोबारियों और व्यापारियों ने पार्किंग स्थल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए कहा कि नियमों की अनदेखी कर इस व्यवस्था को चलने दिया जा रहा है। व्यापारियों ने दावा किया कि पूर्व में क्षेत्रीय विधायक द्वारा आश्वासन दिया गया था कि पार्किंग परिसर में यात्रियों को नहीं सुलाया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था जारी है।
आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय व्यापार मंडल और होटल एसोसिएशन ने साफ कहा है कि यदि प्रशासन ने जल्द इस व्यवस्था को बंद नहीं कराया तो 28 मई से आंदोलन शुरू किया जाएगा। व्यापारियों का कहना है कि वे अपनी आजीविका बचाने के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
प्रशासन पर उठे सवाल
पूरा मामला सामने आने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। व्यापारी मांग कर रहे हैं कि पार्किंग स्थल का उपयोग केवल वाहन पार्किंग के लिए किया जाए और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

