महिला स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा ऑनलाइन बाजार, गूगल मैप्स पर पंजीकरण के डीएम सविन बंसल के निर्देश
देहरादून, 04 मई 2026। जनपद में महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वयं सहायता समूहों को गूगल मैप्स पर पंजीकृत किया जाए, जिससे उनके उत्पादों की पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक हो सके।
सोमवार को जिलाधिकारी ने कालसी क्षेत्र के विकास महिला हरिपुर सीएलएफ कोल्ड प्रेस्ड ऑयल यूनिट, कोटी कालसी ग्रोथ सेंटर, अमृत सरोवर (धोईरा) और कालसी डेयरी फार्म का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता, उत्पादन प्रक्रिया और महिलाओं की आजीविका से जुड़े पहलुओं की विस्तार से जानकारी ली।

डीएम ने स्पष्ट कहा कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के प्रचार-प्रसार और विपणन के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि महिलाओं को बेहतर आय के अवसर मिल सकें।
निरीक्षण के दौरान कोटी कालसी ग्रोथ सेंटर में तैयार किए जा रहे एप्पल जैम, चटनी और अदरक कैंडी जैसे उत्पादों की सराहना की गई। वहीं हरिपुर कालसी में तैयार हो रहा कोल्ड प्रेस्ड तेल स्वास्थ्यवर्धक और गुणवत्तापूर्ण पाया गया। डीएम ने ग्रोथ सेंटर में पानी की समस्या के शीघ्र समाधान के भी निर्देश दिए।
अमृत सरोवर (धोईरा) के निरीक्षण के दौरान उन्होंने जल संरक्षण, रखरखाव और सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मत्स्य विभाग को निर्देश दिए कि महिला समूहों को मत्स्य पालन का प्रशिक्षण दिया जाए और सरोवर के प्रचार-प्रसार के लिए तकनीकी रिपोर्ट तैयार की जाए। यह सरोवर मनरेगा के तहत निर्मित है और वर्तमान में महिला समूह द्वारा संचालित किया जा रहा है।
कालसी डेयरी फार्म बना उत्कृष्टता केंद्र
जिलाधिकारी ने कालसी डेयरी फार्म का निरीक्षण करते हुए दुग्ध उत्पादन और पशुपालन व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य, उपचार सुविधाओं और अल्ट्रासाउंड मशीन की स्थिति की जानकारी ली तथा मोबाइल अल्ट्रासाउंड यूनिट के लिए समन्वय के निर्देश दिए।
वर्ष 1962 में स्थापित यह पशु प्रजनन फार्म आज रेड सिंधी और जर्सी नस्ल के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। यहां भ्रूण प्रत्यारोपण (Embryo Transfer) तकनीक के माध्यम से नस्ल सुधार का कार्य किया जा रहा है। साथ ही, चारा बैंक के माध्यम से किसानों को आवश्यक पशु आहार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, उप जिलाधिकारी प्रेमलाल, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अजय असवाल सहित अन्य अधिकारी एवं स्वयं सहायता समूह के सदस्य उपस्थित रहे।

