ग्राफिक एरा अस्पताल की बड़ी उपलब्धि: 5 वर्षीय बच्चे का POEM तकनीक से सफल इलाज, मिली नई जिंदगी
देहरादून, 21 अप्रैल। Graphic Era Hospital ने एक बार फिर चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के विशेषज्ञों ने उन्नत Peroral Endoscopic Myotomy (POEM) तकनीक की मदद से 5 वर्षीय बच्चे का सफल इलाज कर उसे नई जिंदगी दी है। खास बात यह है कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में इतनी कम उम्र के बच्चे में इस तकनीक का यह पहला सफल मामला माना जा रहा है।
तीन साल से जूझ रहा था गंभीर समस्या से
यह बच्चा पिछले तीन वर्षों से निगलने में कठिनाई (डिस्फेजिया) और बार-बार उल्टी की समस्या से परेशान था। लगातार पोषण की कमी के कारण उसका स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा था और सामान्य जीवन भी चुनौतीपूर्ण बन गया था। कई अस्पतालों में इलाज के बावजूद कोई खास सुधार नहीं हुआ।
जांच में सामने आई दुर्लभ बीमारी
ग्राफिक एरा अस्पताल में विशेषज्ञ जांच के बाद बच्चे में Achalasia Cardia की पुष्टि हुई। यह एक दुर्लभ बीमारी है, खासकर बच्चों में। इतनी कम उम्र में इसका उपचार करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है और उच्च स्तर की विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।
विशेषज्ञ टीम ने किया सफल इलाज
मामले की जटिलता को देखते हुए गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के प्रमुख Dr Sachin Dev Munjal के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने उन्नत POEM प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
क्या है POEM तकनीक?
POEM (Peroral Endoscopic Myotomy) एक आधुनिक एंडोस्कोपिक प्रक्रिया है, जिसका उपयोग अन्ननली से जुड़ी बीमारियों के इलाज में किया जाता है।
- इसमें कोई बड़ा चीरा नहीं लगाया जाता
- दर्द कम होता है
- रिकवरी तेजी से होती है
- मरीज जल्दी सामान्य जीवन में लौट आता है
इलाज के बाद तेजी से सुधार
सफल उपचार के बाद बच्चे की स्थिति में तेजी से सुधार देखने को मिला है। अब वह सामान्य रूप से भोजन कर पा रहा है और उल्टी की समस्या पूरी तरह खत्म हो चुकी है।
मरीजों के लिए नई उम्मीद
ग्राफिक एरा अस्पताल की यह सफलता न केवल उन्नत चिकित्सा सुविधाओं को दर्शाती है, बल्कि जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण भी है।

