JNU जैसी घटनाओं से देश आहत, युवाओं को राष्ट्रहित में एकजुट होना होगा: सीएम रेखा गुप्ता
राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने युवाओं को राष्ट्रनिर्माण का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं होते, बल्कि वे देश के भविष्य को दिशा देने वाले संस्थान होते हैं। ऐसे में जब जेएनयू जैसी जगहों से दंगों के आरोपियों की जमानत की मांग या आतंकवाद के समर्थन जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो पूरा देश आहत और स्तब्ध हो जाता है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अमर्यादित नारों और राष्ट्रविरोधी सोच से दूर रहकर सकारात्मक ऊर्जा के साथ राष्ट्रहित में एकजुट हों। उन्होंने कहा कि छात्र विश्वविद्यालयों में ज्ञान अर्जन और चरित्र निर्माण के उद्देश्य से जाते हैं। जब कुछ स्थानों पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियां होती हैं, तो इससे समाज को गहरी पीड़ा पहुंचती है। भारत हमारी मातृभूमि है और राष्ट्रहित से बड़ा कुछ भी नहीं हो सकता।
स्वामी विवेकानंद ऑडिटोरियम का लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘स्वामी विवेकानंद ऑडिटोरियम’ का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति मानते थे। उनके विचार आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रभक्ति का मार्ग प्रशस्त करते हैं। यह ऑडिटोरियम युवा शक्ति को समर्पित है और छात्रों को प्रेरणा देने का कार्य करेगा।
युवाओं से संवाद, विकसित भारत का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं को आत्मबल, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभक्ति से जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का युवा आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर आगे बढ़ रहा है। युवाओं के संकल्प, परिश्रम और एकजुटता से विकसित भारत का सपना अवश्य साकार होगा।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में लिया हिस्सा
किरोड़ीमल कॉलेज स्थित हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भारत की हजार वर्षों पुरानी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक यात्रा का प्रतीक है। सोमनाथ मंदिर का पुनरुद्धार सरदार वल्लभभाई पटेल के दृढ़ संकल्प का उदाहरण है, जिसे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई भव्यता और ऊर्जा मिली है। यह हमारी अटूट श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।

