ड्यूटी के दौरान बस ड्राइवर को आया हार्ट अटैक, मरने से पहले बचाई 25 यात्रियों की जान
ओडिशा राज्य सड़क परिवहन निगम (OSRTC) के एक बस ड्राइवर ने अपनी जान गंवाने से पहले अद्भुत साहस दिखाते हुए 25 यात्रियों की जिंदगी बचा ली। बस चलाते समय अचानक हार्ट अटैक आने के बावजूद ड्राइवर पी. साई कृष्णा ने वाहन को सुरक्षित तरीके से सड़क किनारे रोक दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

घटना बुधवार रात की है। रोज की तरह OSRTC की बस रात 10:30 बजे आंध्र प्रदेश के विजयनगरम से मलकानगिरी के लिए रवाना हुई थी। बस को पी. साई कृष्णा चला रहे थे। यात्रा के दौरान कोंडुली के पास उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। गंभीर स्थिति होने के बावजूद उन्होंने घबराए बिना बस को सधे हुए तरीके से सड़क किनारे रोक दिया। बस में सवार सभी 25 यात्री सुरक्षित हैं।
बस रुकने के बाद को-ड्राइवर पूर्णचंद्र रॉय ने तुरंत स्टीयरिंग संभाल लिया। उसी दौरान साई कृष्णा की तबीयत और बिगड़ गई। 108 एम्बुलेंस को कॉल किया गया, लेकिन समय पर एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकी। इसके बाद पूर्णचंद्र ने बस को तेज गति से कोरापुट की ओर चलाया और बीमार ड्राइवर को कोरापुट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद साई कृष्णा को मृत घोषित कर दिया।
मृतक ड्राइवर पी. साई कृष्णा मलकानगिरी जिले के रहने वाले थे। उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वे अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं।
को-ड्राइवर पूर्णचंद्र रॉय ने बताया,
“हम विजयनगरम से मलकानगिरी आ रहे थे। बीच रास्ते में उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई और उन्होंने मुझसे गाड़ी संभालने को कहा। हमने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई, लेकिन देर हो गई। बाद में हमने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।”
पी. साई कृष्णा की जिम्मेदारी और साहस की सोशल मीडिया पर भी सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी आखिरी सांस तक इंसानी जानों को बचाने का फर्ज निभाया।

