ओडिशा में नई विधानसभा और लोक सेवा भवन का शिलान्यास, पहले चरण में 3,623 करोड़ रुपये होंगे खर्च
ओडिशा में प्रशासनिक और विधायी ढांचे को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नई दिल्ली के सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की तर्ज पर ओडिशा में नई विधानसभा भवन और अत्याधुनिक लोक सेवा भवन का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को भुवनेश्वर में इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना के पहले चरण में कुल 3,623 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि भुवनेश्वर में करीब 70 साल पुरानी लोक सेवा भवन की इमारत अब जर्जर हो चुकी है। समय के साथ सरकारी विभागों की संख्या बढ़ने से न केवल जगह की कमी हो गई है, बल्कि पार्किंग और सुरक्षा जैसी समस्याएं भी गंभीर होती जा रही हैं। इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लोक सेवा भवन को नए और आधुनिक स्वरूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इस परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी ओडिशा ब्रिज एंड कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (OBCC) को सौंपी गई है।
परिसीमन को देखते हुए नई विधानसभा की योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि आने वाले समय में परिसीमन के बाद ओडिशा विधानसभा में सीटों की संख्या मौजूदा 147 से बढ़कर लगभग 200 हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नई विधानसभा भवन को 300 विधायकों की क्षमता के अनुरूप डिजाइन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना अगले 50 से 100 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।
दो साल में पूरा होगा पहला चरण
मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि यह अत्याधुनिक असेंबली कॉम्प्लेक्स और लोक सेवा भवन 71.13 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में विकसित किया जाएगा। पहले चरण का निर्माण कार्य दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा लोक सेवा भवन तकनीकी और सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है, जहां खुले तार और शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है। नई इमारत में आधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और सुव्यवस्थित ढांचा होगा।
कानून मंत्री ने बताई जरूरत
इस अवसर पर ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि मौजूदा लोक सेवा भवन 70 वर्षों से अधिक पुराना है और इसके कई हिस्से अब असुरक्षित हो चुके हैं। अलग-अलग स्थानों पर विभागों के बिखरे होने से कामकाज में भी कठिनाइयां आती हैं। बढ़ते सरकारी कार्य और कर्मचारियों की संख्या को देखते हुए एक बड़े और आधुनिक भवन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
उन्होंने बताया कि नए लोक सेवा भवन के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया गया है, जिसमें पावर हाउस स्क्वायर को शामिल कर परिसर का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही अंडरग्राउंड सड़क और पार्किंग की व्यवस्था, पार्क, जिम और कर्मचारियों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए विशेष सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
लोक सेवा भवन का इतिहास
भुवनेश्वर स्थित मौजूदा लोक सेवा भवन का निर्माण जनवरी 1956 में शुरू हुआ था और 12 नवंबर 1959 को तत्कालीन गृह मंत्री गोविंद बल्लभ पंत ने इसका उद्घाटन किया था। उस समय ओडिशा के मुख्यमंत्री हरेकृष्ण महताब थे। पहले इसे ‘सेक्रेटेरिएट’ के नाम से जाना जाता था, जिसे 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बदलकर ‘लोक सेवा भवन’ कर दिया। वर्तमान में इसमें राज्य सरकार के 41 विभाग संचालित होते हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि नई विधानसभा और लोक सेवा भवन के निर्माण से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और ओडिशा को एक आधुनिक, सुरक्षित और भविष्य-उन्मुख प्रशासनिक पहचान मिलेगी।

