दिल्ली महिला आयोग नियुक्ति घोटाला: गवाह के पेश न होने से सुनवाई टली, अब 2 फरवरी को होगी अगली तारीख
दिल्ली महिला आयोग में नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले की सुनवाई शुक्रवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में नहीं हो सकी। गवाह के पेश न होने के कारण स्पेशल जज जीतेंद्र सिंह ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 2 फरवरी तय कर दी है।
आज अदालत में गवाह डॉ. दिलराज कौर का क्रॉस-एग्जामिनेशन होना था, लेकिन समन तामील होने के बावजूद वे कोर्ट में उपस्थित नहीं हुईं। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि निजी कारणों की वजह से डॉ. दिलराज कौर पेश नहीं हो सकीं। इस पर कोर्ट ने उन्हें 2 फरवरी को अनिवार्य रूप से पेश होने के लिए दोबारा समन जारी करने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि डॉ. दिलराज कौर इससे पहले भी 16 दिसंबर 2025 को अदालत में उपस्थित नहीं हुई थीं। उस समय उनके ससुर के ऑपरेशन के कारण उनके न आने की जानकारी दी गई थी।
सुनवाई के दौरान इस मामले की मुख्य आरोपी स्वाति मालीवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुईं। इससे पहले 4 नवंबर को इस केस में शिकायतकर्ता और पूर्व विधायक बरखा सिंह के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अदालत ने दिसंबर 2022 में स्वाति मालीवाल समेत चार आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दिए थे। हालांकि स्वाति मालीवाल ने इस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
इन पर भी तय हुए हैं आरोप
स्वाति मालीवाल के अलावा दिल्ली महिला आयोग की सदस्य प्रोमिला गुप्ता, सारिका चौधरी और फरहीन मलिक के खिलाफ भी आरोप तय किए गए हैं। कोर्ट ने सभी आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120 (बी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) व 13(1)(डी) के तहत मुकदमा चलाने के आदेश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला
पूर्व विधायक बरखा सिंह ने 11 अगस्त 2016 को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि दिल्ली महिला आयोग में नियमों को दरकिनार कर आम आदमी पार्टी से जुड़े लोगों की नियुक्तियां की गईं। शिकायत में आयोग में नियुक्त तीन लोगों के नाम का जिक्र किया गया था और दावा किया गया था कि कुल 85 आप से जुड़े लोगों को आयोग में नियुक्त किया गया। प्रारंभिक जांच के बाद एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की थी।

