दिल्ली ब्लास्ट केस में नया मोड़: गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हाई-लेवल मीटिंग, अब ईडी करेगी अल-फलाह यूनिवर्सिटी की फंडिंग की जांच
दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके के बाद जांच लगातार आगे बढ़ रही है. घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपे जाने के 48 घंटे के भीतर अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले में शामिल हो गया है. केंद्र सरकार ने ईडी को अल-फलाह यूनिवर्सिटी की फंडिंग की जांच के निर्देश दिए हैं, क्योंकि दिल्ली विस्फोट से जुड़े कई गिरफ्तार आरोपी डॉक्टर इसी यूनिवर्सिटी से जुड़े पाए गए हैं.
गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और विस्फोट की जांच को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, एनआईए प्रमुख, ईडी निदेशक, आईबी और रॉ के शीर्ष अधिकारी शामिल रहे. शाह ने जांच एजेंसियों को समन्वित तरीके से काम करने के निर्देश दिए ताकि साजिश के हर पहलू को बेनकाब किया जा सके.
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खातों की फोरेंसिक ऑडिट कराने के आदेश दिए हैं. इसके साथ ही आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को भी यूनिवर्सिटी के वित्तीय लेन-देन और संचालन की जांच करने को कहा गया है. बताया जा रहा है कि फंडिंग चैनल और संदिग्ध आर्थिक लेन-देन को खंगालने के लिए कई बैंकों से भी जानकारी मांगी गई है.
इसी बीच, एनआईए की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच एजेंसी को पता चला है कि एनसीआर के अलग-अलग हिस्सों में विस्फोटक सामग्री ले जाने के लिए दो दर्जन से अधिक कारों को तैयार किया गया था. इनमें हुंडई i20, मारुति ब्रेज़ा, स्विफ्ट डिजायर और फोर्ड इकोस्पोर्ट जैसी कारें शामिल थीं, जिन्हें आतंकियों ने हमले के लिए प्रयोग करने की योजना बनाई थी.
लाल किले के पास जिस हुंडई i20 में विस्फोट हुआ, वह इसी बड़े आतंकी नेटवर्क का हिस्सा थी. सूत्रों का कहना है कि यह हमला कथित तौर पर ‘बदला लेने वाले हमलों’ की श्रृंखला की पहली कड़ी थी, जिसमें 6 दिसंबर, बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के दिन दिल्ली में छह संभावित टारगेट तय किए गए थे.
आतंकियों ने इन वाहनों के दस्तावेजों में कई बार फेरबदल किया था और उन्हें बार-बार बेचा गया, जिससे उनका ट्रैक करना मुश्किल हो गया. अब तक जांच एजेंसियों ने चार वाहनों का पता लगाया है, जिनमें से एक मारुति ब्रेज़ा अल-फलाह यूनिवर्सिटी के फरीदाबाद स्थित परिसर से बरामद की गई है.
गृह मंत्री अमित शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पूरे मामले की जांच तेजी और पेशेवर तरीके से की जाए और दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाए.

