30 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा, जानिए कब खुलेंगे कपाट और कैसे करें ऑनलाइन पूजा बुकिंग
| |

30 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा, जानिए कब खुलेंगे कपाट और कैसे करें ऑनलाइन पूजा बुकिंग

इस वर्ष अक्षय तृतीया की तिथि यानी 30 अप्रैल 2025 से उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा का शुभारंभ होने जा रहा है। इसी दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट सुबह 10:30 बजे भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके बाद 2 मई को सुबह 7 बजे केदारनाथ धाम, और 4 मई को बद्रीनाथ धाम…

गुप्तकाशी: केदारघाटी का जाख मेला – परंपरा, आस्था और संस्कृति का अद्वितीय संगम
|

गुप्तकाशी: केदारघाटी का जाख मेला – परंपरा, आस्था और संस्कृति का अद्वितीय संगम

केदारघाटी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। इन्हीं परंपराओं में एक विशेष स्थान रखता है जाख मेला, जो स्थानीय आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इस वर्ष यह पारंपरिक मेला 14 अप्रैल को गुप्तकाशी के समीप जाखधार में आयोजित होगा। इस मेले की तैयारियाँ हर साल चैत्र माह की…

अगले साल होगा ‘हिमालय का महाकुंभ’, सीएम धामी ने परखी नंदा राजजात यात्रा की तैयारी – NANDA DEVI RAJJAT YATRA 2026
|

अगले साल होगा ‘हिमालय का महाकुंभ’, सीएम धामी ने परखी नंदा राजजात यात्रा की तैयारी – NANDA DEVI RAJJAT YATRA 2026

देहरादून: उत्तराखंड में अगले दो सालों में दो बड़े धार्मिक आयोजन होने हैं. चारधाम यात्रा के साथ इन आयोजनों को लेकर धामी सरकार अभी से तैयारियों में जुट गई है. अगले साल यानी 2026 में विश्व की सबसे बड़ी पैदल धार्मिक यात्रा नंदा राजजात यात्रा होगी. 2027 में हरिद्वार में अर्धकुंभ होना है. सीएम धामी ने…

नवरात्रि के दूसरे दिन करें हरिद्वार की मां चंडी देवी के दर्शन
| |

नवरात्रि के दूसरे दिन करें हरिद्वार की मां चंडी देवी के दर्शन

नवरात्रि के दूसरे दिन देवी दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी साधना और तपस्या की प्रेरणा देने वाली देवी मानी जाती हैं। इस शुभ अवसर पर हरिद्वार स्थित मां चंडी देवी के दर्शन करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। हरिद्वार: देवभूमि का शक्ति स्थल हरिद्वार को ‘हरि का द्वार’ कहा…

श्री दरबार साहिब एवम् श्री झण्डा साहिब में चला दर्शनों व मनौतियों का क्रम
| | | |

श्री दरबार साहिब एवम् श्री झण्डा साहिब में चला दर्शनों व मनौतियों का क्रम

देहरादून। बुधवार को श्री झण्डे जी के आरोहण के बाद गुरुवार को भी दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज परिसर में संगतों की भारी चहल पहल रही। देश विदेश से आई संगतों के साथ गुरुवार को भारी संख्या में देहरादून नगरवासियों ने भी श्री झण्डे जी पर शीश नवाया। संगतों ने श्री झण्डा साहिब…

|

श्री बद्रीनाथ मंदिर के कपाट भी खुले

विश्व प्रसिद्ध भगवान श्री बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 12 मई को शुभ मुहूर्त पर सुबह 6ः00 बजे पूरे विधि विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खुल गए है। हजारों भक्त इस पावन पल के साक्षी बने। बदरीनाथ कपाट खुलने के मौके पर पहले दिन विशेष पूजा अर्चना की गई। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर…

|

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से रखी जा रही है पैनी नजर

उत्तराखण्ड में चारधाम यात्रा का आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में केदारनाथ धाम, हैलीपैड, केदारनाथ पैदल मार्ग और केदारनाथ हाईवे पर कोई दिक्कत न हो, इसके लिये पुख़्ता इंतज़ाम किए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा सीसीटीवी कैमरे के साथ ही अलग से यात्रा कंट्रोल रूम की स्थापना की…

|

मुख्यमंत्री धामी ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में शुक्रवार 10 मई से प्रारम्भ हो रही चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को शुभकामना देते हुए उनकी मंगलमय यात्रा की कामना की है। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा हेतु आए सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि वे बाबा केदार, मां गंगोत्री और मां यमनोत्री एवं बद्रीविशाल…

|

श्री बदरीनाथ धाम के रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी का टिहरी राज दरबार में पट्टाभिषेक हुआ सम्पन्न

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 12 मई को खुल रहे है इससे पहले श्री बदरीनाथ धाम से संबंधित पांच दशक पहले समाप्त हुई रावल पट्टाभिषेक की ऐतिहासिक परंपरा पुन: जीवित हो गयी है। आज सोमवार को टिहरी राजदरबार नरेंद्र नगर में पूजा-अर्चना एवं विधि-विधान से महाराजा टिहरी मनुजयेंद्र शाह द्वारा श्री बदरीनाथ धाम के रावल…

|

ऊं नम् शिवाय के उदघोष के साथ श्री केदारनाथ भगवान की पंचमुखी चल -विग्रह मूर्ति केदारनाथ रवाना हुई.

प्रसिद्ध 11वें ज्योर्तिंगलिंग भगवान श्री केदारनाथ की चल विग्रह पंचमुखी डोली आज रविवार को ऊं नम् शिवाय के उदघोष के साथ पंचकेदार गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से पूजा अर्चना के बाद सेना के 6 ग्रेनेडियर रेजीमेंट की बैंड के भक्तिमय सुर लहरियों के साथ रावल भीमाशंकर लिंग की उपस्थिति में केदारनाथ धाम रवाना…