आदीपुरुष के लिए क्यों Manoj Muntashir को माफी मांगनी चाहिए
मरेगा बेटे, तेरी में लंका लगा दूंगा, चुपचाप अपना तमाशा समेट और निकल यहां से, तेरे को शायद idea नहीं है कि मेरा एक सपोला तेरे शेषनाग को लम्बा कर देगा. इसीलिए बोल रहा हूं बेटे फोन तेरे बाप का है, नेट भी तेरे बाप का है, और तू औलाद भी अपने बाप की ही…

