बढ़ती गर्मी में बढ़ रहा डिहाइड्रेशन का खतरा, डॉक्टर ने दी जरूरी सावधानियां
मार्च की शुरुआत के साथ ही देश के कई हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। दोपहर के समय तेज धूप और गर्मी के कारण लोगों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। खासकर Dehydration और Diarrhea के मामलों में तेजी देखी जा रही है।
जाने-माने सर्जन Dr. Abhishek Agarwal का कहना है कि गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। समय रहते सावधानी न बरतने पर स्थिति गंभीर हो सकती है और मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत भी आ सकती है।
डॉक्टर के अनुसार मानव शरीर का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है। यदि शरीर में पानी की मात्रा काफी कम हो जाए तो किडनी समेत कई महत्वपूर्ण अंगों पर असर पड़ सकता है। इसलिए गर्मी के मौसम में शरीर में पर्याप्त पानी बनाए रखना बेहद जरूरी है।
गर्मियों में रखें इन बातों का ध्यान
डॉ. अग्रवाल ने लोगों को गर्मी से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है—
- प्यास न लगने पर भी दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें।
- Oral Rehydration Solution, नींबू पानी, लस्सी और नारियल पानी का सेवन करें।
- ज्यादा तले-भुने और मसालेदार भोजन से बचें।
- धूप में निकलते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
- सिर को टोपी, तौलिया या कपड़े से ढककर रखें।
- खाली पेट लंबे समय तक तेज धूप में न रहें।
बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा खतरा
डॉक्टर का कहना है कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक होता है। बच्चे अक्सर समय पर प्यास के बारे में नहीं बता पाते और बुजुर्गों में पानी की कमी जल्दी गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए इन दोनों वर्गों को नियमित रूप से तरल पदार्थ देते रहना चाहिए।
डिहाइड्रेशन के शुरुआती लक्षण
यदि शरीर में अचानक कमजोरी महसूस हो, बार-बार उल्टी आए, चक्कर आए या अत्यधिक थकान महसूस हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये डिहाइड्रेशन के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि यदि तुरंत डॉक्टर के पास जाना संभव न हो तो घर पर ही ORS का घोल पीना शुरू कर देना चाहिए। इसके अलावा दही का सेवन भी फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें मौजूद प्रोबायोटिक तत्व आंतों को स्वस्थ रखने और डायरिया जैसी समस्याओं से बचाने में मदद करते हैं।

