पैर होते हैं शरीर का आईना, हार्ट अटैक से पहले भी देते हैं ये खतरनाक संकेत
हम अक्सर पैरों की छोटी-मोटी समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन मेडिकल साइंस मानती है कि पैर शरीर के अंदर चल रही कई गंभीर बीमारियों के शुरुआती संकेत दे सकते हैं। खासकर टखनों और पैरों में होने वाली सूजन (Ankle Swelling) को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है।
आमतौर पर टखनों में सूजन लंबे समय तक खड़े रहने, यात्रा करने या उम्र बढ़ने के कारण हो सकती है, लेकिन अगर सूजन बार-बार हो रही है या बिना वजह बनी रहती है, तो यह हार्ट, लिवर, किडनी और ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ी गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकती है।
आखिर टखनों में सूजन क्यों होती है?
टखनों की सूजन तब होती है जब शरीर के टिशूज़ में जरूरत से ज्यादा फ्लूइड जमा हो जाता है। गुरुत्वाकर्षण के कारण यह फ्लूइड अक्सर पैरों और टखनों में इकट्ठा हो जाता है। लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहे, तो इसके पीछे कोई गंभीर कारण छिपा हो सकता है।
टखनों की सूजन किन बीमारियों का संकेत हो सकती है?
1️⃣ हार्ट फेलियर का शुरुआती लक्षण
हार्ट फेलियर की स्थिति में दिल खून को सही तरीके से पंप नहीं कर पाता। इससे नसों में दबाव बढ़ जाता है और पैरों व टखनों में फ्लूइड जमा होने लगता है।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के अनुसार,
👉 पैरों और टखनों में सूजन अक्सर हार्ट फेलियर का शुरुआती संकेत होती है।
👉 इसके साथ सांस फूलना, थकान, तेजी से वजन बढ़ना और रात में सांस लेने में दिक्कत भी हो सकती है।
2️⃣ ब्लड क्लॉट (DVT) का खतरा
अगर एक ही पैर में अचानक सूजन, दर्द, लालिमा या गर्माहट महसूस हो, तो यह डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT) यानी ब्लड क्लॉट का संकेत हो सकता है। यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती है।
3️⃣ किडनी की समस्या
किडनी शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक बाहर निकालने का काम करती है। किडनी ठीक से काम न करे, तो फ्लूइड शरीर में जमा होकर पैरों में सूजन पैदा कर सकता है।
4️⃣ लिवर डिजीज
लिवर से जुड़ी बीमारियों में शरीर में एल्ब्यूमिन नामक प्रोटीन की कमी हो जाती है, जिससे फ्लूइड बाहर की ओर रिसने लगता है और पैरों में सूजन दिखने लगती है।
5️⃣ खराब ब्लड सर्कुलेशन
जब नसों में खून का प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता, तो पैरों में सूजन, भारीपन और दर्द महसूस हो सकता है। यह वैरिकोज वेन्स या नसों की कमजोरी का संकेत हो सकता है।
कब हो जाएं सावधान?
अगर टखनों की सूजन के साथ ये लक्षण भी दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
- सांस लेने में दिक्कत
- सीने में दर्द
- अचानक वजन बढ़ना
- थकान और कमजोरी
- एक पैर में ज्यादा सूजन या दर्द

